नयी दिल्ली, पांच नवंबर (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को गूगल के साथ एक सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया जिसका उद्देश्य अत्याधुनिक डिजिटल उपकरणों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत को आम लोगों तक पहुंचाना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यहां संस्कृति मंत्रालय और ‘गूगल आर्ट्स एंड कल्चर’ के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी से राष्ट्रीय राजधानी में बनने वाले ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ की परिकल्पना को साकार करने और ऐतिहासिक पांडुलिपियों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
मंत्रालय ने कहा कि यह साझेदारी भारत की सभ्यतागत व्यापकता को दर्शाएगी, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और उनके पास सुरक्षित रखी हुई संग्रहणीय वस्तुएं, राष्ट्रीय संग्रहालयों की संपत्तियां, ज्ञान भारतम के तहत दस्तावेजीकृत पांडुलिपियां और पूरे देश में मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली संस्थाओं द्वारा सहेजकर रखी गई शिल्प, प्रदर्शन कला और जीवंत परंपराएं शामिल हैं।
मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘इसके केंद्र में ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ है, जो नयी दिल्ली के नॉर्थ एवं साउथ ब्लॉक में भारत के सदियों पुराने इतिहास को दर्शाने वाले एक संग्रहालय के रूप में विकसित हो रहा है। इसका डिजिटलीकरण इन इमारतों और इनमें रखी जाने वाली बहुमूल्य कलाकृतियों का एक स्थायी रिकॉर्ड तैयार करेगा और आम जनता को हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रयासों में से एक की झलक देखने को मिलेगा।’’
केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल और गूगल आर्ट्स एंड कल्चर के उपाध्यक्ष एवं संस्थापक अमित सूद की मौजूदगी में एक समारोह के दौरान इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
भाषा शफीक सुरेश
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