इंदौर, पांच नवंबर (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय को बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि वह (विश्वविद्यालय से संबद्ध) प्रत्येक महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने संबंधी उसके पूर्व आदेश का पालन 75 दिन के अंदर सुनिश्चित करे।
उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी ने विधि छात्र अरुणेश मिश्रा द्वारा दायर अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय की जबलपुर स्थित प्रधान पीठ ने प्रदेश के प्रत्येक महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराए जाने का निर्देश तीन अगस्त को दिया था। इसी के आधार पर अवमानना याचिका दायर की गई थी।
मिश्रा ने अपनी याचिका में कहा कि राज्य सरकार के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जिससे अदालत के इस निर्देश की अवमानना होती है।
मामले के तथ्यों पर गौर के बाद उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि वह छात्रसंघ चुनाव कराने को लेकर जबलपुर स्थित प्रधान पीठ के आदेश का पालन 75 दिन में सुनिश्चित करें।
याचिकाकर्ता के वकील जयेश गुरनानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय की जबलपुर स्थित प्रधान पीठ के सामने पेश अकादमिक कैलेंडर में स्पष्ट उल्लेख था कि सितंबर माह में प्रदेश भर में छात्रसंघ चुनाव करा लिए जाएंगे, लेकिन अब तक कहीं भी ये चुनाव नहीं कराए गए हैं।
गुरनानी ने कहा,‘‘राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछली बार छात्रसंघ चुनाव वर्ष 2017 में हुए थे।’’
भाषा हर्ष जोहेब पवनेश
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