नयी दिल्ली, पांच नवंबर (भाषा) वैश्विक इस्पात कंपनी आर्सेलरमित्तल का घाटा 2026 की सितंबर तिमाही में 39.1 करोड़ डॉलर रहा।
यूरोप में ऊर्जा लागत बढ़ने के कारण कंपनी को घाटा हुआ।
लक्जमबर्ग स्थित इस्पात कंपनी को पिछले साल की समान तिमाही में 37.7 करोड़ डॉलर की शुद्ध आय हुई थी।
कंपनी भारत में भी कारोबार करती है।
आर्सेलरमित्तल का वित्त वर्ष जनवरी से दिसंबर तक होता है।
कंपनी ने कहा कि वर्ष 2026 की तीसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में दर्ज शुद्ध घाटे में यूक्रेन स्थित आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह संयंत्र का परिचालन अस्थायी रूप से बंद रखने से संबंधित परिसंपत्ति मूल्यह्रास और असाधारण मदें शामिल हैं।
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यासिर अजय
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