हैदराबाद, पांच नवंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अंतरिक्ष मलबे को हटाने के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष से मलबा हटाने की भारत की उभरती क्षमताएं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश के बढ़ते नेतृत्व और पूरी मानवता के लिए सुरक्षित अंतरिक्ष वातावरण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सिंह ने यहां स्टार्टअप कॉसमोसर्व स्पेस की बेस-1 सुविधा के उद्घाटन समारोह को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा, ''भारत अंतरिक्ष मलबा हटाने के क्षेत्र में दुनिया के शुरुआती अग्रणी देशों में शामिल हो रहा है। एक भारतीय स्टार्टअप बाहरी अंतरिक्ष को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए प्रौद्योगिकियां विकसित कर रहा है।''
हैदराबाद स्थित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कॉसमोसर्व स्पेस ने बेस-1 की शुरुआत की है। यह भारत की पहली निजी और दुनिया की छठी ऐसी सुविधा है, जहां ‘स्पेस विजन इफेक्ट’ और ‘माइक्रोग्रैविटी’ का अनुकरण करने की व्यवस्था है। इस सुविधा में अंतरिक्ष सेवाओं से जुड़ी सभी क्षमताएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
कॉसमोसर्व स्पेस को उद्घाटन की बधाई देते हुए सिंह ने कहा कि बेस-1 करीब 14,800 वर्ग फुट में फैली एक अत्याधुनिक और व्यापक सुविधा है, जहां अंतरिक्ष रोबोट डिजाइन किए जाते हैं, उनका निर्माण होता है, अंतरिक्ष जैसी परिस्थितियों में उनका परीक्षण किया जाता है और मिशन नियंत्रण केंद्र के माध्यम से उनका संचालन किया जाता है।
भाषा अमित जोहेब
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