चंडीगढ़, पांच नवंबर (भाषा) विपक्षी दलों ने पंजाब सिविल सेवा (पीसीएस) की मुख्य परीक्षा के हाल में घोषित परिणामों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को निशाना बनाया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेताओं ने इन अनियमितताओं की तत्काल तथा एक तय समय-सीमा के भीतर सीबीआई जांच कराने की मांग की। हालांकि परीक्षा आयोजित करने वाले पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
भाजपा सांसद तरुण चुघ ने बताया कि वहां मौजूद लोगों का आरोप है कि सफल अभ्यर्थियों की सूची में ऐसे लोगों के क्रमांक भी हैं, जो परीक्षा में बैठे ही नहीं थे।
उन्होंने कहा, ‘‘चयनित अभ्यर्थियों में से 24.21 प्रतिशत का एक ही परीक्षा केंद्र से आना, 86 अभ्यर्थियों का लगातार आने वाले तीन या चार क्रमांक समूहों से होना और अलग-अलग परीक्षा कमरों से 10 से 11 उम्मीदवारों का चयनित होना- इन सब बातों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विज्ञापित 331 रिक्तियों के मुकाबले केवल 751 अभ्यर्थियों को चुने जाने पर भी सवाल उठे हैं, जबकि साक्षात्कार के लिए रिक्तियों की संख्या से तीन गुना उम्मीदवारों को बुलाने की आवश्यकता थी।’’
चुघ ने एक बयान में पूछा, ‘‘क्या यह महज एक संयोग है, या फिर क्रमांक आवंटित करने और परीक्षा केंद्र तय करने से लेकर अंतिम परिणामों तक, कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने के लिए कोई विशेष व्यवस्था की गई थी?’’
भाजपा नेता ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की और चयन प्रक्रिया को तुरंत रोकने की अपील की।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी पीसीएस मुख्य परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया और इसे एक ‘बड़ा घोटाला’ करार दिया।
एक बयान में, ढिल्लों ने दावा किया कि परीक्षा में शामिल न होने वाले अभ्यर्थियों के क्रमांक भी सफल अभ्यर्थियों की सूची में सामने आए हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख परगट सिंह ने मांग की कि पंजाब लोक सेवा आयोग इन सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक और पारदर्शी स्पष्टीकरण दे।
एक बयान में आयोग ने कहा कि पीसीएस मुख्य परीक्षा के परिणामों को लेकर लगाए गए आरोप, डेटा पैटर्न को गलत तरीके से समझने का नतीजा लगते हैं।
आयोग ने बताया कि यह परीक्षा पटियाला के 12 केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
उसने कहा, ‘‘केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या 118 से 553 के बीच थी और कुल 3,959 परीक्षार्थी शामिल हुए। साक्षात्कार के लिए 751 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया, जिससे कुल सफलता दर लगभग 19 प्रतिशत रही (अनुपस्थित रहने वालों को ध्यान में रखने के बाद)।’’
उसने कहा कि किसी भी अनुपस्थित अभ्यर्थी को चयनित घोषित नहीं किया गया है।
उसने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक और मैनुअल उपस्थिति दर्ज की गई।
भाषा राजकुमार सुरेश
सुरेश