पेरिस, पांच नवंबर (एपी) फ्रांस में वेतन वृद्धि और सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार की मांग को लेकर जारी राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शनों में व्यापार संघ के लाखों सदस्य शामिल हुए, जिससे संकट से घिरी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार पर दबाव और बढ़ गया।
पूरे फ्रांस में पिछले एक महीने से अधिक समय से बड़े पैमाने पर और समय-समय पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच पेरिस, लियोन, मार्सिले और अन्य जगहों पर फिर से विशाल रैलियां निकाली गईं।
गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के करीबी अधिकारी ने बताया कि दोपहर तक राजधानी के बाहर 180 रैलियों में व्यापार संघ के लगभग 2,70,000 सदस्य शामिल हो गए। उन्होंने बताया कि इनमें से ज्यादातर विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे।
हालांकि, अधिकारी ने बताया कि लियोन, नान्तेस, पो, ऑरलियन्स, रेनेस और टूलूज जैसे शहरों में छिटपुट हिंसा की खबरें सामने आईं।
फ्रांस में बृहस्तिवार को छात्रों ने भी नये सिरे विरोध-प्रदर्शन किया। देशभर के लगभग एक-तिहाई हाईस्कूल छात्रों के प्रदर्शन या शिक्षकों की हड़ताव की वजह से बंद रहे।
देश में सार्वजनिक परिवहन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। एफिल टॉवर को भी विरोध-प्रदर्शन के चलते बंद रखा गया।
एपी पारुल माधव
माधव