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नागपुर (महाराष्ट्र), पांच नवंबर (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री एवं पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि कभी देश में आपातकाल लगा चुकी कांग्रेस अब अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है, लेकिन मतदाता उस पर कभी भरोसा नहीं करेंगे।
यहां भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' मार्च को संबोधित करते हुए, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबंध में मल्लिकार्जुन खरगे जैसे कांग्रेस नेताओं द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर भी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि आप चाहे कितनी भी ताकत लगा लें, लोगों को कितना भी गुमराह करें या झूठ बोलें, या लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कितना भी हमला करें, फिर भी इस देश की जनता आपको वोट नहीं देगी... जब भी कांग्रेस जीतती है, तो इस देश की जनता आखिरकार उसे सत्ता से बाहर कर देती है।’’
आपातकाल को याद करते हुए गडकरी ने कहा कि उस दौरान कांग्रेस पार्टी ने ‘‘लोगों के मौलिक अधिकारों को छीनने का पाप किया था।’’
उन्होंने कहा कि तब राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत लोगों को जेल में डाल दिया गया था और कई लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पाबंदियां लगा दी गई थीं।
पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘अब वही कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा करने की बात करती है। वह देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी और कांग्रेस नेता जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह उन्हें शोभा नहीं देती। खरगे जैसे नेता प्रधानमंत्री मोदी के पिता के बारे में बात कर रहे हैं। वे बौखला गए हैं क्योंकि जनता ने बार-बार कांग्रेस को नकारा है और पार्टी लगातार चुनाव हारती आ रही है।’’
गडकरी ने कहा कि कांग्रेस नेता हताशा में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है और संसद को काम करने से रोक रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसद बहस करने और अपने विचार रखने के लिए होती है, लेकिन बार-बार इसकी कार्यवाही में बाधा डालकर कांग्रेस ने दिखा दिया है कि उसके मन में संसद के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
गडकरी ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे ‘झूठे विमर्श’ और भ्रम पैदा करने की कोशिशों को बेनकाब करना जरूरी था।
उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए भाजपा ने कुर्बानियां दी हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘अगर कोई ऐसी पार्टी है जिसने जनसंघ का विलय कर जनता पार्टी स्थापित करने में मदद की और जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोकतंत्र को बचाने के लिए कुर्बानियां दीं, तो वह भारतीय जनता पार्टी है।’’
उन्होंने कहा कि 1975 में लोकतंत्र की ‘‘हत्या’’ कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि संसद का इस्तेमाल संविधान को कमजोर करने के लिए किया गया और प्रधानमंत्री को कानूनी कार्रवाई से छूट दे दी गई।
गड़करी ने कहा, ‘‘बाद में जनता पार्टी ने इन अलोकतांत्रिक प्रावधानों को रद्द कर दिया और लोकतंत्र को बचाया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें इसे उस अराजकता से बचाना है जिसे वे लोग फैला रहे हैं, जो वामपंथी विचारधारा के नाम पर अल्पसंख्यकों को खुश करते हैं, मतदाता सूचियों में बांग्लादेशी घुसपैठियों को शामिल करने को बढ़ावा देते हैं, नक्सलवाद को बढ़ावा देते हैं और देश को बांटने की कोशिश करते हैं।’’
भाषा
राजकुमार अविनाश
अविनाश