हैदराबाद, पांच नवंबर (भाषा) तेलंगाना के खम्मम जिले में उफनती झील में बचाव अभियान के दौरान नौकाएं पलटने से राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जिन 11 कर्मियों के लापता होने की आशंका थी, उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, जिले के सत्तुपल्ली मंडल स्थित उफनती बेथुपल्ली झील में फंसे आठ मछुआरों को बचाने के लिए बुधवार रात एसडीआरएफ कर्मियों को दो नौकाओं में भेजा गया था।
बचाव अभियान के दौरान पानी के तेज बहाव के कारण एसडीआरएफ की दोनों नौकाएं पलट गईं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों ने रातभर चले अभियान में उन्हें सुरक्षित बचा लिया।
खम्मम के जिलाधिकारी दिवाकर टी.एस. ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।’’
चक्रवात ‘मुरासु’ के प्रभाव के कारण खम्मम जिले में बारिश हो रही है।
उन्होंने बताया कि झील में फंसे मछुआरों को बुधवार रात ही सुरक्षित बचा लिया गया था।
दिवाकर ने बताया कि कुल 19 लोगों- एसडीआरएफ के 11 जवानों और आठ मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया।
एसडीआरएफ के एक कर्मी ने पत्रकारों को बताया, 'मैं करीब छह किलोमीटर तक तैरता रहा। इसके बाद एक बड़ा पेड़ मिला जिस पर मैं बैठ गया। मैंने सीटी बजाकर उन ग्रामीणों और अग्निशमन कर्मियों का ध्यान आकर्षित किया, जो रोशनी की मदद से तलाश कर रहे थे... उसी दौरान एक बड़ा सांप भी आ गया। मैं किसी तरह बचकर निकलने में कामयाब रहा।’’
एसडीआरएफ के एक अन्य बचावकर्मी ने बताया, 'यह हमारे लिए दोबारा जन्म लेने जैसा है। एक समय तो हमें लगने लगा था कि पता नहीं हम सूर्योदय देख पाएंगे या नहीं। एनडीआरएफ के जवानों ने हमें बचाया।'
बचाए गए एसडीआरएफ कर्मियों को अस्पताल ले जाया गया। एक चिकित्सक ने बताया कि सभी की हालत ठीक है।
अस्पताल में अपने प्रियजनों को सुरक्षित देख कर्मियों के परिजन भावुक हो गए।
तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सफल बचाव अभियान के लिए अधिकारियों और बचाव दलों की सराहना की।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बी संजय कुमार ने बुधवार को कहा था कि बचाव अभियान के लिए एनडीआरएफ कर्मियों को तैनात किया गया है।
भाषा
तान्या अविनाश
अविनाश