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एनएचआरसी ने सात माह में गर्भावस्था से संबंधित 24 मौतें होने पर उत्तर प्रदेश शासन को नोटिस जारी किया

नयी दिल्ली, पांच नवंबर (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने अप्रैल से अक्टूबर तक गाजियाबाद जिले के अलग-अलग सरकारी और निजी अस्पतालों में कथित रूप से गर्भावस्था के इलाज या प्रसव के दौरान 24 महिलाओं की मौत की खबर को लेकर उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और संबंधित जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया है। एनएचआरसी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

आयोग ने एक बयान में कहा है कि खबरों के अनुसार जिले में 3,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की पहचान ‘उच्च जोखिम की गर्भावस्था’’ वाली महिलाओं के रूप में की गई है।

एनएचआरसी ने इस खबर का स्वतः संज्ञान लिया है कि अप्रैल से अक्टूबर तक ‘गाजियाबाद जिले के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में गर्भावस्था के इलाज या प्रसव के दौरान 24 महिलाओं की मौत हो गई।’’

यह सूचना स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट से सामने आयी। राजापुर क्षेत्र में सबसे अधिक आठ महिलाओं की जान चली गयी जबकि लोनी एवं भोजपुर में पांच-पांच महिलाओं की मौत हो गयी।

आयोग ने कहा कि यदि यह समाचार सच है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है।

उसने कहा कि इसलिए उसने उत्तर प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव और गाजियाबाद के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

तीन नवंबर को मीडिया में आयी एक खबर के अनुसार, 24 महिलाओं में से 10 की मौत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई, तीन की मौत गंभीर संक्रमण के चलते हुई और तीन अन्य महिलाओं की मौत उच्च रक्तचाप की वजह से हुई।

आयोग ने बताया कि बाकी आठ महिलाओं की जान अन्य चिकित्सीय स्थितियों के कारण चली गयी, जिनमें एनीमिया, दिल का दौरा पड़ना, तपेदिक और ब्रेन ट्यूमर शामिल हैं।

एक अलग बयान में एनएचआरसी ने कहा कि उसने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के एक निजी स्कूल में दो शिक्षिकाओं के कथित यौन शोषण की खबर का स्वतः संज्ञान लिया है।

एक शिक्षिका ने आरोप लगाया कि स्कूल के मालिक के भाई ने लंबे समय तक उसका यौन उत्पीड़न किया तथा जब उसने इसका विरोध किया, तो उसने उसे नौकरी से निकलवाने की धमकी दी।

आयोग के बयान के अनुसार अन्य शिक्षिका को भी कथित तौर पर इसी तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था, और ‘विरोध करने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया।’

आयोग ने अलीगढ़ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को नोटिस जारी कर, दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

तीन नवंबर की मीडिया में आयी खबर के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने पीड़िताओं की शिकायतों पर कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की है, इसलिए, उन्होंने कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए एसएसपी से संपर्क किया है।

एनएचआरसी ने इस खबर का भी स्वतः संज्ञान लिया है कि दो नवंबर को उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में चौथी कक्षा के 12 वर्षीय छात्र की मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि स्कूल की छत के पास से गुजर रही 11 केवी की बिजली लाइन के संपर्क में आने से उसकी जान चली गई।

खबर के मुताबिक, शिक्षकों ने उसे स्कूल की रसोई की छत पर चढ़कर मध्याह्न के लिए लौकी तोड़ने को कहा था।

आयोग ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बलिया के जिलाधिकारी और बलिया के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव