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पीएससी अध्यक्ष को हटाने की पूर्व राज्यपाल की सिफारिश को लेकर केरलम भाजपा के नेता राष्ट्रपति से मिले

नयी दिल्ली, पांच नवंबर (भाषा) भाजपा की केरलम इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर पूर्व राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की उस सिफारिश पर विचार करने का आग्रह किया, जिसमें भर्ती में अनियमितताओं से जुड़ी “शिकायतों और जांच के नतीजों” के आधार पर राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) के अध्यक्ष एमआर बैजू और उसके सदस्यों को हटाने की बात कही गई है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य (मनोनीत) सी सदानंद मास्टर के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल में केरल भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और राज्यसभा सदस्य (मनोनीत) पीटी उषा भी शामिल थीं।

प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में केरलम में सरकारी सेवाओं में भर्ती के लिए जिम्मेदार राज्य लोक सेवा आयोग के कामकाज में “भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं” की ओर ध्यान दिलाया।

आर्लेकर ने केरलम के राज्यपाल का पद छोड़ने से कुछ समय पहले मुर्मू को एक पत्र भेजा था, जिसमें पीएससी में कथित अनियमितताओं के चलते बैजू को हटाने की सिफारिश की गई थी।

आर्लेकर वर्तमान में तमिलनाडु के राज्यपाल हैं। उनकी जगह ओम प्रकाश माथुर ने केरलम में राज्यपाल का पद संभाला है।

प्रतिनिधिमंडल की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है, “हम जानते हैं कि केरलम के (पूर्व) राज्यपाल ने भर्ती में अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों और जांच के नतीजों के आधार पर राज्य पीएससी के अध्यक्ष डॉ. एमआर बैजू और आयोग के अन्य सदस्यों को हटाने की सिफारिश आपके पास पहले ही भेज दी थी।”

इसमें कहा गया है, “इसलिए हम आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि आप केरलम के (पूर्व) राज्यपाल की ओर से की गई सिफारिश पर उचित विचार करें और भारतीय संविधान के अनुच्छेद-317 के तहत आवश्यक संवैधानिक कार्यवाही शुरू करें, जिसमें उचित समझे जाने पर मामला माननीय उच्चतम न्यायालय को भेजा जाना भी शामिल है।”

ज्ञापन में कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-315 के तहत स्थापित केरल लोक सेवा आयोग को सार्वजनिक सेवाओं में निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता-आधारित भर्ती सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसमें आरोप लगाया गया है कि परीक्षाओं में हेरफेर, पक्षपात, पिछले दरवाजे से नियुक्तियों और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण पीएससी का कामकाज गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है।

बाद में चंद्रशेखर ने यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह एक “महत्वपूर्ण मुद्दा” है, जो पीसीएस परीक्षा में रैंक हासिल करने वाले “कई मलयाली युवाओं” के भविष्य पर असर डालता है, जो “नौकरी न मिलने” के विरोध में पिछले कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।

चंद्रशेखर ने कहा कि केरलम की कांग्रेस सरकार ने प्रदर्शनकारी युवाओं की मांग पूरी करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर युवाओं से जुड़े मुद्दों पर “दोहरे मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया।

चंद्रशेखर ने कहा, “राहुल गांधी बेरोजगारी के बारे में बात करते हैं और अलग-अलग राज्यों में जाकर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम करते हैं। देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी केरलम में है। वह केरलम आकर यहां बेरोजगारी की गंभीर स्थिति पर बात क्यों नहीं करते?”

उन्होंने कहा, “मुझे कुछ महीने पहले कही गई अपनी बात को दोहराने में कोई संकोच नहीं है। राहुल गांधी एक धोखेबाज भारतीय नेता हैं और उनकी पूरी राजनीति ही धोखे की नींव पर टिकी है।”

भाषा

पारुल माधव

माधव