Breaking News

UP: दिवाली-छठ तक लगातार बिजली सप्लाई के निर्देश     |   तूफान से बढ़े जलस्तर को लेकर निचले इलाकों में अलर्ट-सीएम चंद्रबाबू का निर्देश     |   ग्रेटर नोएडा : गौर चौक अंडरपास आज से ट्रायल रन के लिए खुला     |   लखनऊ यूनिवर्सिटी में दीपावली अवकाश घोषित, 6-7 और 10 नवंबर को ऑनलाइन क्लास     |   गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती, GRAP-II के तहत वाहनों की एंट्री पर पाबंदी     |  

सत्य निकेतन इमारत हादसा: छह लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल, 87 गवाहों के दर्ज किए गए बयान

नयी दिल्ली, 5 नवंबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने छह सितंबर को सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के सिलसिले में इमारत के मालिकों और पेइंग गेस्ट (पीजी) के दो संचालकों सहित छह लोगों के खिलाफ 638 पन्नों का आरोप-पत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

इस हादसे में पांच छात्रों और दो मजदूरों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी।

अदालत के समक्ष दाखिल आरोप-पत्र में इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता, उसकी पत्नी उर्मिला गुप्ता, उनके बेटे महेश गुप्ता, श्रमिक ठेकेदार सनोज कुमार और पीजी संचालक सुधांशु लवनीश कुमार तथा शुभम त्यागी को आरोपी बनाया गया है।

आरोप-पत्र के अनुसार, पुलिस ने मामले में 87 गवाहों के बयान दर्ज किए है और गैर-इरादतन हत्या, मानव जीवन को खतरे में डालने वाले लापरवाही भरे कृत्य तथा मरम्मत या निर्माण कार्यों के दौरान लापरवाही बरतने की धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।

आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 125(ए) (जीवन को खतरे में डालने वाला लापरवाही भरा कृत्य), 3(5) (सामान्य मंशा), 290 (इमारत की मरम्मत या निर्माण के दौरान लापरवाही भरा आचरण), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 324(2) और 324(4) (संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली शरारत) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच के अनुसार, हरिराम गुप्ता इमारत का देखरेख करने वाला और प्रत्यक्ष लाभार्थी था, जबकि उसकी पत्नी उर्मिला गुप्ता पंजीकृत मालकिन है। पुलिस ने पाया कि संपत्ति से जुड़े पैसे उसके बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए थे।

उनका बेटा महेश गुप्ता कथित तौर पर इमारत के मामलों का प्रबंधन करता था और नकद भुगतान प्राप्त करता था, जबकि ठेकेदार सनोज कुमार वह राजमिस्त्री था जो काम करवा रहा था और उसने संपत्ति की एक दीवार को कथित तौर पर गिराया था।

पुलिस ने बताया कि शेष दो आरोपी सुधांशु लवनीश कुमार और शुभम त्यागी इमारत में पीजी आवास का संचालन कर रहे थे।

दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास सत्य निकेतन इलाके में स्थित यह इमारत छह सितंबर को उस समय ढह गई थी, जब मरम्मत कार्य और बेसमेंट को भरने का काम चल रहा था।

इस घटना में पांच छात्रों और दो मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश