मुंबई, पांच नवंबर (भाषा) कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मौजूदा ब्याज दर वृद्धि चक्र में रेपो दर में 0.75 प्रतिशत की और बढ़ोतरी कर सकता है।
कोटक ने कहा कि भारतीय कंपनियां कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित कारोबार विकसित करने की दिशा में काम कर रही हैं। यदि निवेशकों को अमेरिका की एआई आधारित कंपनियों का मूल्यांकन अधिक लगता है, तो इक्विटी निवेश का प्रवाह उलटकर भारत की ओर आ सकता है।
कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और गैर-कार्यकारी निदेशक कोटक ने समूह की ब्रोकिंग इकाई की ओर से जारी एक विशेष वीडियो संदेश में कहा, ‘‘हमने आरबीआई की ओर से पहली बढ़ोतरी देखी है। मुझे ब्याज दरों में 0.50 से 0.75 प्रतिशत की और वृद्धि की संभावना दिखती है।’’
एआई के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले साल भारत को एआई के लिहाज से निवेश के लिए कम आकर्षक बाजार के रूप में देखा गया। कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन के कारण विदेशी निवेशकों ने भारत से पैसा निकाला और विदेशों में एआई से जुड़े अवसरों में निवेश किया।
कोटक ने कहा, ‘‘वैश्विक कंपनियां अपनी एआई संबंधी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जिस स्तर पर कर्ज ले रही हैं, उससे कई मामलों में कंपनियों का मूल्यांकन काफी बढ़ गया है। भारत भी अपनी एआई क्षमता विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में यदि निवेश का प्रवाह उलटता है, तो भारत को भी इसका लाभ मिल सकता है।’’
उन्होंने कहा कि अन्य देशों की तुलना में भारत में कंपनियों का मूल्यांकन कम है और यहां आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं भी मजबूत हैं।
कोटक ने कहा कि एआई में जरूरत से ज्यादा निवेश के कारण बने दबाव में कमी आने के साथ भारत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) स्थिर होने की उम्मीद है।
भाषा योगेश अजय
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