पणजी, पांच नवंबर (भाषा) गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) संजय गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए एक परिवार के छह सदस्यों के नाम बहाल करने के मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश का अध्ययन किया जाएगा।
इससे पहले दिन में उच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को गोवा निवासी परेश सालगांवकर और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्यों के नाम मतदाता सूची में बहाल करने का निर्देश दिया था।
उच्च न्यायालय के आदेश के बारे में पूछे जाने पर गोयल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मीडिया की खबरों के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा, ''हम आदेश का अध्ययन करेंगे। इसके बाद अपने स्तर पर जो भी लागू किया जा सकता है, वह करेंगे। यदि हम अपने स्तर पर ऐसा कर सकते हैं तो करेंगे। हालांकि, यदि हमें निर्वाचन आयोग की सहायता की जरूरत होगी तो हम उससे आदेश का अनुपालन करने का अनुरोध करेंगे।''
गोयल ने कहा कि जब तक वह आदेश के ''सटीक शब्दों'' को नहीं पढ़ लेते, तब तक इस पर टिप्पणी नहीं कर सकेंगे।
उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर की पीठ ने सांताक्रूज विधानसभा क्षेत्र के निवासी सालगांवकर और उनके परिवार के सदस्यों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।
सालगांवकर और उनके परिवार की ओर से पेश अधिवक्ता विवेक रोड्रिग्स ने संवाददाताओं को बताया कि उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं के नाम 10 दिन के भीतर मतदाता सूची में बहाल करने का आदेश दिया है।
सालगांवकर परिवार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने को चुनौती दी थी। उनका पता बदलने के लिए दाखिल फॉर्म-8 आवेदन खारिज कर दिया गया था।
रोड्रिग्स ने कहा कि याचिकाकर्ता सालगांवकर का नाम पहले मतदाता सूची में था और वह 1995 से मतदान करते आ रहे थे, लेकिन आवास बदलने के कारण उनका नाम सूची से हटा दिया गया।
भाषा
अमित सुरेश
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