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'विदेशी वित्तपोषण' संबंधी सिंह की टिप्पणी पर कॉजपा का सवाल, 'फिर आप हमसे बातचीत क्यों कर रहे थे?'

नयी दिल्ली, पांच नवंबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के विरोध को लेकर 'विदेशी धन' मिलने संबंधी केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की टिप्पणी पर बृहस्पतिवार को उनका मखौल उड़ाया और सवाल किया, ''फिर आप हमसे बातचीत क्यों कर रहे थे?''

सिंह ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके को अमेरिका से, जबकि इसके सह-संस्थापक आशुतोष रांका को पाकिस्तान से धन मिला।

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया था कि पाकिस्तान के नेताओं सहित भारत विरोधी संगठन और विदेशी धन से संचालित समूह एसआईआर के खिलाफ अभियान को वित्तपोषित कर रहे हैं। उन्होंने ''खुद को कार्यकर्ता बताने वाले लोगों'' पर झूठा विमर्श गढ़ने का आरोप भी लगाया था।

सिंह की टिप्पणी से जुड़ी एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने लिखा, ''और सौरव को???'' उन्होंने नोट के बंडल सिर पर उठाए एक व्यक्ति का मीम भी साझा किया।

दीपके की पोस्ट को टैग करते हुए कॉजपा के सौरव दास ने लिखा, ''अरे भाई, निशाना हम दोनों तरफ भी थोड़ा बांट दीजिए! मुझे डिटॉक्स करने दो! मुझे भूल जाने के लिए धन्यवाद जितेंद्र भाई।''

रांका ने सिंह की टिप्पणी से संबंधित एक अन्य पोस्ट साझा करते हुए सवाल किया, ''फिर आप हमसे बातचीत क्यों कर रहे थे?''

रांका ने एक अन्य पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा, ''पेपर लीक किसने कराए? पाकिस्तान। स्कूल बर्बाद किसने किए? पाकिस्तान। वोट चोरी किसने कराई? पाकिस्तान। देश में बेरोजगारी किसने फैलाई? पाकिस्तान।''

उन्होंने दास और अपनी एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वे नीट मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सिंह और केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने तस्वीर के साथ ''विदेशी हाथ'' लिखा।

सिंह ने मंगलवार को बेंगलुरु में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाते हुए दीपके और रांका का नाम लिया था।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का प्रभार संभाल रहे केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि विदेशी धन से संचालित गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ), ‘डीप स्टेट’ के एजेंट और भारत विरोधी ताकतें इस अभियान के पीछे हैं। उन्होंने विदेशी धन के प्रवाह पर अंकुश लगाने के लिए विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) का भी उल्लेख किया था।

उन्होंने आरोप लगाया था, ''इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि उन्हें देश के भीतर और बाहर सक्रिय भारत विरोधी एनजीओ तथा संगठनों सहित अनधिकृत स्रोतों से धन मिल रहा है।''

मंत्री ने कहा था, ''जिन लोगों ने खुद को नेता घोषित कर रखा है, उन्हें विदेशी स्रोतों से धन मिल रहा है। दीपके को अमेरिका स्थित दानदाताओं से धन मिल रहा है। आशुतोष रांका को पाकिस्तानी नेताओं से भुगतान किया गया है और उन्हें अपने आकाओं के माध्यम से भी धन मिल रहा है।''

भाषा अमित अविनाश

अविनाश