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अमेरिका में सीनेटर बने निखिल गोयल की कामयाबी पर अमरोहा के पुश्तैनी कस्बे में खुशी की लहर

अमरोहा, पांच नवंबर (भाषा) अमेरिका के वरमोंट राज्य में सीनेटर का चुनाव जीतने वाले डॉक्टर निखिल गोयल की सफलता पर उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के उनके पुश्तैनी कस्बे मंडी धनौरा में खुशी की लहर है।

अमेरिका में हाल में हुए मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार निखिल गोयल को 16,849 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी लुइस मनो को 5,725 मत प्राप्त हुए।

निखिल के चचेरे भाई अक्षत गोयल ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि निखिल का जन्म भले ही अमेरिका में हुआ हो लेकिन उनकी जड़ें आज भी अमरोहा के मंडी धनौरा कस्बे में हैं।

उन्होंने कहा कि निखिल के सीनेटर का चुनाव जीतने से कस्बे के लोग खुश हैं कि उनका कोई अपना अमेरिका में चुनाव जीता है।

अक्षत ने बताया कि निखिल का मंडी धनौरा आना बहुत कम होता है लेकिन कस्बे के लोग उन्हें अच्छी तरह जानते हैं और उनकी इस उपलब्धि पर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि निखिल के पिता विमल गोयल अक्सर धनौरा आते हैं और आगामी 28 नवंबर को भी उनके यहां आने का कार्यक्रम है।

निखिल की जीत के परिवार के लिए मायने पूछे जाने पर अक्षत ने कहा, “हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि हमारा भाई अमेरिका में स्टेट सीनेटर बन गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि उसने पहली बार चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।”

उन्होंने बताया, “30 वर्षीय निखिल बेहद मेधावी हैं और चार किताबें लिख चुके हैं। वह अमेरिका की पूर्ववर्ती जो बाइडन सरकार में शिक्षा मंत्री रहे बर्नी सैंडर्स के सलाहकार रह चुके हैं और वहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई थी।”

अक्षत के मुताबिक, मात्र 24 वर्ष की उम्र में हार्वर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि हासिल करने वाले निखिल शिक्षा में सुधार के लिए काम करना चाहते हैं और उनकी चार किताबें और विभिन्न लेख अमेरिका की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव पर केंद्रित हैं।

उन्होंने बताया कि वह और उनका परिवार, माता-पिता तथा निखिल के खानदान के कई अन्य सदस्य अब भी मंडी धनौरा में रहते हैं।

अक्षत ने बताया कि निखिल के पिता विमल गोयल वर्ष 1985 में शिक्षा हासिल करने के लिए अमेरिका गए थे और बाद में वहीं बस गए।

निखिल का जन्म भी अमेरिका में ही हुआ था।

विमल गोयल अपनी पत्नी दिव्या, बेटे निखिल और बेटी निकिता के साथ न्यूयॉर्क में रहते हैं और वहां होटल व्यवसाय करते हैं।

भाषा सं. सलीम जितेंद्र

जितेंद्र