कोलकाता, पांच नवंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया और सुरक्षित एवं व्यापार अनुकूल माहौल मुहैया कराने का वादा किया।
हालांकि, शुभेंदु ने स्पष्ट किया कि वह उन उद्योगपतियों के साथ कोई आधिकारिक कामकाजी संबंध नहीं रखेंगे, जो केंद्रीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं या जिन पर बैंक धोखाधड़ी से जुड़े आरोप हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य की निवेश प्रोत्साहन नीति की शुरुआत के मौके पर कहा कि वह उन लोगों के साथ कोई आधिकारिक समझौता नहीं करेंगे, जिनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के मामले लंबित हैं या जो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से धन की हेराफेरी और धोखाधड़ी के आरोपी हैं।
उन्होंने व्यक्तिगत शिष्टाचार और आधिकारिक संबंधों के बीच फर्क स्पष्ट करते हुए कहा, “अगर मैं उनसे आमने-सामने मिलता हूं, तो मैं उनका अभिवादन करूंगा और ‘हैलो’ बोलूंगा। लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर उनके साथ कामकाजी संबंध बनाए रखना संभव नहीं होगा।”
हालांकि, शुभेंदु ने किसी व्यक्ति या व्यावसायिक समूह का नाम नहीं लिया और न ही यह बताया कि प्रस्तावित रुख को किस तरह लागू किया जाएगा।
उन्होंने एक कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और व्यापार जगत के नेताओं की मौजूदगी में ये टिप्पणियां कीं। इस कार्यक्रम का मकसद कंपनियों के लिए प्रोत्साहन पैकेज के जरिये नया निवेश आकर्षित करना और रोजगार पैदा करना था।
नयी औद्योगिक नीति में पात्र कंपनियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में नियोक्ताओं के योगदान पर सहायता, महिलाओं को काम पर रखने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में निवेश पर लाभ देने के प्रावधान किए गए हैं। इसका मकसद आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना भी है, ताकि प्रस्तावों पर तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई की जा सके।
व्यावसायिक माहौल को लेकर जताई गई चिंताओं को दूर करने का प्रयास करते हुए शुभेंदु ने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जबरन वसूली और औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों में बाधा डालने की किसी भी कोशिश के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी।
उन्होंने कहा, “जबरन वसूली की शिकायत में नामजद किसी भी व्यक्ति को 15 मिनट के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
शुभेंदु ने दावा किया कि दानकुनी और दुर्गापुर के टोल प्लाजा पर जबरन वसूली बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पूरे बंगाल के टोल प्लाजा की निगरानी कोलकाता के पास साल्ट लेक में स्थित एक नियंत्रण कक्ष से की जा रही है।
भाषा पारुल अविनाश
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