जयपुर, पांच नवंबर (भाषा) राजस्थान में हत्या और मोहपाश के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा एक कैदी जेल प्रहरी से कथित मिलीभगत कर खुली जेल से बाहर निकला और पांच दिन थाईलैंड में बिताने के बाद लौट आया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले हुई इस विदेश यात्रा का खुलासा एक महिला की शिकायत से हुआ है।
जेल महानिदेशक ने मामले में कैदी और संबंधित जेल प्रहरी के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए और साथ ही जेल प्रहरी को निलंबित कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, श्रीगंगानगर की नरसिंहपुरा बिरानी खुली जेल में कैद दीक्षांत कामरा जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुए चर्चित दुष्यंत हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
अदालत ने वर्ष 2023 में कामरा और उसके दो अन्य साथियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जेल महानिदेशक अशोक राठौड़ ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक महिला अपने परिवार के साथ उनके कार्यालय पहुंची थी और कैदी दीक्षांत कामरा पर उसे झांसे में लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि मिली जानकारी के अनुसार, कामरा के पास हथियार हैं और वह मादक पदार्थों की तस्करी में भी लिप्त है।
अधिकारी ने बताया कि साथ ही यह भी पता चला कि वह खुली जेल में रहते हुए विदेश यात्रा कर चुका है। राठौड़ ने बताया कि महिला की शिकायत के बाद उन्होंने श्रीगंगानगर के संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और शाम की हाजिरी के दौरान जेल अधीक्षक को स्वयं मौजूद रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक को भी इसकी जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि हाजिरी में कामरा की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद उन्होंने पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस ने कामरा की गाड़ी की तलाशी ली, जिसमें कथित तौर पर मादक पदार्थ बरामद हुआ। इसके बाद एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
राठौड़ ने बताया कि इसके बाद कामरा के पासपोर्ट का रिकॉर्ड मंगवाया गया और जांच में सामने आया कि वह नौ अक्टूबर 2025 को थाईलैंड गया था और 13 अक्टूबर 2025 को वापस लौटा था।
उन्होंने बताया कि वह 24 अक्टूबर 2025 को जेल महानिदेशक का पदभार संभाल चुके थे इसलिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से औपचारिक रिपोर्ट मांगी, ताकि विदेश यात्रा और उस अवधि में बंदी की मौजूदगी के बारे में आधिकारिक रिकॉर्ड प्राप्त हो सके।
राठौड़ ने बताया, “हाजिरी सत्यापित कर रिपोर्ट देने वाले अधिकारी का रिकॉर्ड भी प्राप्त हो गया है। तथ्यों की पुष्टि के बाद बृहस्पतिवार शाम दीक्षांत कामरा और जेल प्रहरी (वार्डर) हापुराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। हापुराम को निलंबित कर दिया गया है।”
पुलिस ने कामरा को वर्ष 2018 में प्रिया सेठ के साथ गिरफ्तार किया था हालांकि, उस समय उसका पासपोर्ट जब्त नहीं किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, कामरा का पासपोर्ट वर्ष 2016 में श्रीगंगानगर के पदमपुर स्थित स्थायी पते पर जारी हुआ था और वर्ष 2023 में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद भी पुलिस ने उसके पासपोर्ट के संबंध में जानकारी नहीं जुटाई।
पुलिस ने बताया कि इसी पासपोर्ट के आधार पर उसने वर्ष 2025 में थाईलैंड की यात्रा की। कामरा के खिलाफ हाल में मादक पदार्थों की तस्करी का एक अन्य मामला भी दर्ज किया गया है।
पुलिस ने दो दिन पहले उसकी तलाशी के दौरान कथित तौर पर अफीम बरामद की थी।
पुलिस के अनुसार, दुष्यंत हत्याकांड में प्रिया सेठ ने अपने प्रेमी कामरा का कर्ज चुकाने के लिए दुष्यंत को मोहपाश में फंसाया था।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर दुष्यंत का अपहरण किया और उसके पिता से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
पुलिस के मुताबिक, दुष्यंत के खाते में तीन लाख रुपये जमा होने के बाद आरोपियों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और चाकू से उसका चेहरा बिगाड़ दिया तथा बाद में शव को सूटकेस में रखकर कार से आमेर क्षेत्र में फेंक दिया गया था।
सजा होने के बाद प्रिया सेठ ने जेल में बंद एक अन्य कैदी हनुमान से शादी कर ली थी।
दोनों विवाह के लिए पैरोल पर जेल से बाहर आए थे।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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