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उत्तराखंड ट्रेकिंग हादसा: दो और शव बरामद, मृतकों की संख्या बढ़कर छह हुई

देहरादून, पांच नवंबर (भाषा) उत्तरकाशी में केदारताल ट्रेक मार्ग पर सात दिन पहले लापता हुए दो और ट्रेकर्स के शव बृहस्पतिवार को खोज एवं बचाव दलों ने बरामद किए, जिसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है, जबकि दो लोग अब भी लापता हैं।

आठ ट्रेकर्स का एक दल हिमस्खलन के बाद लापता हो गया था। उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार को हिमस्खलन में दबे दो पुरुषों के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए।

शवों को आधार शिविर लाया गया है, जहां राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) के अधिकारियों की बचाव टीम तैनात है।

अधिकारियों ने बताया कि शवों को शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से मातली हेलीपैड ले जाया जाएगा।

इस तरह आठ लापता ट्रेकर्स में से अब तक छह के शव बरामद किए जा चुके हैं।

खोज एवं बचाव अभियान बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे शुरू हुआ और अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे समाप्त हुआ।

जिला प्रशासन ने बताया कि बुधवार को बरामद शवों की पहचान उनके परिजनों ने पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के सालबनी इलाके के निवासी रिंटू मंडल (40) और उदय घोष (30) के रूप में की।

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को एसडीआरएफ और एनआईएम की संयुक्त टीम एक और तलाशी अभियान चलाएगी।

एसडीआरएफ और एनआईएम की 10 सदस्यीय टीम कठिन रास्तों और खराब मौसम के बीच लापता ट्रेकर्स की तलाश के लिए केदारखड़क में अभियान चला रही है।

अधिकारियों के अनुसार, हिमस्खलन के बाद इलाके में 10 से 12 फुट तक बर्फ जमा हो गई है, जिससे बचाव अभियान में बाधा आ रही है।

बीते 27 अक्टूबर को सात ट्रेकर्स और छह सहायक कर्मचारियों समेत 13 लोगों का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था।

उन्हें 29 अक्टूबर को लौटना था, लेकिन बर्फबारी और ग्लेशियर से जुड़ी बाधाओं समेत खराब मौसम के कारण रास्ता बंद हो गया और वे समय पर वापस नहीं लौट सके।

इसके बाद 30 अक्टूबर को ट्रेकिंग एजेंसी ने कुलियों और गाइडों का एक दल भेजा, जिसने करीब छह किलोमीटर तक रास्ता साफ किया।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने शनिवार को बताया था कि चार लोग सुरक्षित मिल गए हैं, जबकि हिमस्खलन के बाद आठ लोग भोजखड़क से आगे फंसे हुए थे।

भाषा जोहेब प्रशांत

प्रशांत