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मंत्री हसन मुश्रीफ के खिलाफ पीएमएलए मामला बंद, अदालत ने ईडी की ‘‘क्लोजर रिपोर्ट’’ स्वीकार की

मुंबई, पांच नवंबर (भाषा) मुंबई की एक विशेष अदालत ने महाराष्ट्र के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता हसन मुश्रीफ और उनके बेटों के खिलाफ 2022 में दर्ज धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ‘‘क्लोजर रिपोर्ट’’ स्वीकार कर ली है।

अदालत ने धनशोधन से जुड़े मूल अपराधों को रद्द किये जाने के फैसले पर गौर किया।

धनशोधन की जांच मार्च 2022 में पुणे के कंपनी पंजीयक (आरओसी) की ओर से कंपनी अधिनियम के कथित उल्लंघन के संबंध में दर्ज शिकायत और इसके बाद फरवरी 2023 में कोल्हापुर के मुरगुड थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। प्राथमिकी में किसानों से जुटाई गई पूंजी में हेरफेर के आरोप लगाए गए थे।

हालांकि, मुंबई उच्च न्यायालय ने 2025 में मुरगुड थाने में दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया था।

जांच बंद करने का अनुरोध करते हुए ईडी ने विशेष अदालत को बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्यवाही शुरू करने के लिए मूल अपराध एक अनिवार्य शर्त है, इसलिए उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद धनशोधन की शिकायत में आगे कोई कार्रवाई करने का आधार नहीं बचा है।

विशेष पीएमएलए अदालत के न्यायाधीश एस वी सहारे ने मंगलवार को दिये आदेश में कहा, ‘‘मूल अपराध रद्द किए जाने के मद्देनजर पीएमएलए के तहत अपराध भी नहीं बनता।’’

इस आदेश का विवरण बृहस्पतिवार को उपलब्ध कराया गया।

इस प्रकार विशेष अदालत ने चार अप्रैल, 2022 को दर्ज ईडी मामला बंद कर दिया।

भाषा शफीक अविनाश

अविनाश