नयी दिल्ली, पांच नवंबर (भाषा) सभी सेवारत अग्निवीरों को छह साल की सेवा पूरी होने के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा, बशर्ते वे सेवा जारी रखने के इच्छुक हों, शारीरिक रूप से फिट हों और अनुशासित हों। रक्षा अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
अधिकारियों ने साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि ‘अग्निपथ’ भर्ती योजना को वापस नहीं लिया गया है।
यह स्पष्टीकरण सरकार द्वारा एक दिन पहले यह घोषणा किये जाने के बाद आया है कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेना से सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा और इसके बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वालों को नियमित सेवा में स्थायी रूप से भर्ती किया जाएगा।
जून 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सैनिकों की भर्ती चार साल के कार्यकाल के लिए की गई थी और इनमें से केवल 25 प्रतिशत को नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान था।
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को योजना में बदलाव की घोषणा की थी। यह घोषणा करीब 18,300 अग्निवीरों के चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सशस्त्र बलों से बाहर होने के करीब तीन सप्ताह पहले की गई।
दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने और उसके बाद नियमित भर्ती का निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
एक रक्षा अधिकारी ने कहा, ‘‘अब सभी अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जाएगा। पहले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल की पहली सेवा अवधि पूरी होने के बाद नियमित किया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत को दूसरी सेवा अवधि पूरी होने के बाद बिना किसी सीमा के नियमित कैडर में शामिल किया जाएगा।’’
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘इसके लिए प्रमुख मानदंड हैं कि अग्निवीर सेवा जारी रखने का इच्छुक हो, शारीरिक रूप से फिट हो और अनुशासित हो।’’
अधिकारियों ने कहा कि अग्निवीरों की वरिष्ठता भी सुरक्षित रखी जाएगी।
अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘नियमित सैनिक बनने पर उन्हें अपने ही बैच के उन साथियों के ठीक बाद रखा जाएगा, जिन्हें चार साल बाद नियमित कैडर में शामिल किया गया था। इस तरह वे बाद के किसी भी बैच के सैनिकों से कनिष्ठ नहीं होंगे।’’
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें केवल दो साल की एक अतिरिक्त सेवा अवधि जोड़ी गई है, जिससे सभी अग्निवीरों के लिए इस अवधि के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का रास्ता खुल गया है।
अग्निपथ योजना में बदलाव की घोषणा ऐसे समय में की गई है जब युवाओं के विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और विपक्ष बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। पंजाब और उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव भी होने हैं।
फिलहाल अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए 300,000 से अधिक सैनिक सशस्त्र बलों में सेवाएं दे रहे हैं।
सरकार ने तीनों सेनाओं की औसत आयु कम करने के उद्देश्य से जून 2022 में अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल के कार्यकाल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है।
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस योजना को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने सवाल उठाया था कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों का क्या होगा, क्योंकि कुल भर्ती किए गए अग्निवीरों में से केवल 25 प्रतिशत को ही 15 साल की नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान था।
भाषा अमित शफीक
शफीक