नासिक, पांच नवंबर (भाषा) महाराष्ट्र में बृहस्पतिवार को ‘वसु बारस’ के पर्व के साथ दिवाली के उत्सव की शुरुआत हो गई।
यह दिन गाय और उसके बछड़े की पूजा को समर्पित है। यह कृषि समृद्धि, उर्वरता और मां-बच्चे के स्नेहपूर्ण संबंध का प्रतीक माना जाता है।
कई स्थानों पर विवाहित महिलाएं गाय और बछड़े की पूजा करती हैं तथा उन्हें मिठाइयों समेत विभिन्न खाद्य पदार्थ अर्पित करती हैं।
शाम को दीये प्रज्वलित किये जाते हैं और घरों को फूलों और रंगोली से सजाया जाता है।
त्योहार की शुरुआत के साथ ही बाजारों में लोगों की चहल-पहल बढ़ गई।
'धनतेरस' का पर्व शुक्रवार को मनाया जायेगा, जबकि रविवार को 'नरक चतुर्दशी' और दिवाली उत्सव के मुख्य दिन 'लक्ष्मी पूजन' किया जायेगा। मंगलवार को 'बलि प्रतिपदा' या 'दीपावली पाडवा' मनाया जायेगा, जबकि बुधवार को 'भाई दूज' का पर्व मनाया जायेगा।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश