Breaking News

UP: दिवाली-छठ तक लगातार बिजली सप्लाई के निर्देश     |   तूफान से बढ़े जलस्तर को लेकर निचले इलाकों में अलर्ट-सीएम चंद्रबाबू का निर्देश     |   ग्रेटर नोएडा : गौर चौक अंडरपास आज से ट्रायल रन के लिए खुला     |   लखनऊ यूनिवर्सिटी में दीपावली अवकाश घोषित, 6-7 और 10 नवंबर को ऑनलाइन क्लास     |   गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती, GRAP-II के तहत वाहनों की एंट्री पर पाबंदी     |  

बंगाल में उद्योगों के लिए वामपंथियों या तृणमूल जैसी दोषपूर्ण नीति नहीं अपनाएंगे: शुभेंदु

कोलकाता, पांच नवंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार ‘‘वाम मोर्चे की जबरन भूमि अधिग्रहण नीति और उद्योगों को सरकारी सहायता के बिना खुद जमीन खरीदने देने की तृणमूल कांग्रेस की नीति’’ को नहीं अपनाएगी।

राज्य की नयी निवेश प्रोत्साहन नीति पेश करते हुए उन्होंने निवेशकों के लिए भूमि बैंक बनाने का वादा किया।

शुभेंदु ने कहा कि भूमि की उपलब्धता और कई परियोजनाओं के विभिन्न चरणों में होने के मद्देनजर राज्य आगामी कुछ महीनों में करीब एक लाख करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करने की स्थिति में है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार फिलहाल लगभग 50,000 करोड़ रुपये के लंबित प्रोत्साहन भुगतान का निपटारा करने में सक्षम नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि निवेशकों को राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए जरूरी सहायता मिले।

उन्होंने कहा, ‘‘हम न तो वाम मोर्चे की तरह जबरन भूमि अधिग्रहण की नीति अपनाएंगे और न ही तृणमूल कांग्रेस की तरह दोषपूर्ण भूमि नीति अपनाएंगे, जिसमें उद्योगों को सरकार की किसी सहायता के बिना खुद अपनी जमीन खरीदने के लिए कहा जाता है।’’

शुभेंदु ने कहा, ‘‘हम उद्योगों के लिए भूमि बैंक बनाने के वास्ते जमीन खरीदने की व्यवस्था कर रहे हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार औद्योगीकरण और राज्य में उद्योगों के अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मौजूदा इंडस्ट्रियल पार्क, वापस ली गई जमीनों और प्रस्तावित भूमि बैंक के जरिये निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है तथा इसके साथ ही जमीन खरीदने के लिए वित्तपोषण की व्यवस्था भी तलाश रही है।

शुभेंदु ने आरोप लगाया कि माकपा ने आक्रामक श्रमिक संगठन राजनीति के जरिये पश्चिम बंगाल के औद्योगिक आधार को तबाह कर दिया, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ‘‘दोषपूर्ण’’ भू-नीति ने पिछले 15 वर्षों में उसके (पूर्ववर्ती ममता सरकार के) औद्योगीकरण के प्रयासों की विफलता में योगदान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार औद्योगीकरण को लेकर बहुत सकारात्मक है और निवेशकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘उद्योगों से किसी भी तरह की जबरन वसूली के प्रति हमारी नीति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की है। ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ की नीति पर चलती है।’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ‘‘राष्ट्रविरोधी तत्वों और माफिया’’ ने राज्य के राजस्व के करीब 20,000 करोड़ रुपये का गबन किया।

बंगाल सरकार की नयी निवेश प्रोत्साहन नीति का उद्देश्य उद्योगों को प्रोत्साहन देकर नया निवेश आकर्षित करना, औद्योगीकरण में तेजी लाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश