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देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री

लखनऊ, पांच नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य ने पिछले नौ वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव करते हुए आर्थिक रूप से देश के सबसे पिछड़े पांच राज्यों की श्रेणी से निकलकर शीर्ष तीन राज्यों में जगह बनाई है।

उन्होंने दावा किया कि इस दौरान कानून-व्यवस्था और शासन व्यवस्था में भी व्यापक सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री यहां 28 नवनियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश अराजकता, दंगों और कर्फ्यू के दौर से गुजर रहा था तथा अपराधियों को कानून का कोई भय नहीं था।

योगी ने कहा, “एक समय था जब अपराधी बेखौफ घूमते थे, क्योंकि उन्हें पता था कि उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा। उन्हें कानून का सम्मान नहीं था, क्योंकि वे जानते थे कि उन्हें कानून के दायरे में नहीं लाया जा सकता।”

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निष्क्रियता और अराजकता के कारण उत्तर प्रदेश बीमारू राज्यों की श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सुधारों के परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में जब भी कानून-व्यवस्था की चर्चा होती है तो उत्तर प्रदेश का भी उल्लेख किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में राज्य में दो लाख 30 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की गई है।

योगी ने अपराधों की जांच में फॉरेंसिक साक्ष्यों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अदालत में सत्य की स्थापना तभी संभव है, जब जांच एजेंसियां विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करें।

उन्होंने महर्षि गौतम के प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान और शब्द सहित प्रमाण के चार सिद्धांतों का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई 2024 में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के तहत सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाना अनिवार्य किया गया है, इसके लिए राज्य में 500 प्रशिक्षित कर्मियों की आवश्यकता के मुकाबले 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।

उन्होंने कहा, “ नए कानून लागू होने से पहले ही लखनऊ में राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान स्थापित किया गया था। हर जिले को दो फॉरेंसिक मोबाइल वैन उपलब्ध कराई गई हैं और जांच व्यवस्था मजबूत करने के लिए नई प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जा रही हैं।”

योगी ने नवनियुक्त अधिकारियों से पूरी ईमानदारी और सटीकता के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि फॉरेंसिक साक्ष्य निर्धारित समयसीमा में जुटाए जाने चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय और दोषियों को सजा मिल सके।

उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और अगले छह महीनों में एक लाख नियुक्ति पत्र वितरित करने की योजना है।

भाषा सलीम जितेंद्र

जितेंद्र