देहरादून, पांच नवंबर (भाषा) देहरादून पुलिस ने शहर के अशरोड़ी-मोहब्बेवाला मार्ग पर हाल ही में हुए एक हादसे में चार लोगों की मौत के बाद एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले छह महीनों में वहां 10 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं।
पुलिस शिकायत में कहा गया है कि हाल ही में बने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-72ए, दिल्ली-देहरादून-पांवटा) पर निर्माण करने वाली एजेंसियों -भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोकनिर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने में लापरवाही बरती है और यह 'असुरक्षित निर्माण कार्य' लोगों के जीवन के लिए 'निरंतर खतरा' बना हुआ है।
शिकायत में बताया गया है कि मोहब्बेवाला में एक तीखे मोड़ और खड़ी ढलान के कारण वाहन चालकों को भ्रम होता है, जिससे यहां अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इन हादसों में कई लोग हताहत हुए हैं।
प्राथमिकी में कहा गया, “यहां जरूरी सुरक्षा सुविधाओं की कमी है, जैसे कि साइनबोर्ड, यातायात संकेत, रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत और रात के समय पर्याप्त रोशनी। सड़क पर कोई स्पष्ट निशान नहीं हैं। इसके अलावा, सड़क के किनारे गड्ढे होने की वजह से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।”
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एजेंसियों की लापरवाही के कारण जनता में काफी नाराजगी है।
सदर पुलिस थाने के क्षेत्राधिकारी अंकित कंडारी ने कहा, “हालांकि एजेंसियों से कई बार संपर्क किया गया है और औपचारिक रूप से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उपाय लागू करें, लेकिन वे सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने या जोखिमों को कम करने के लिए कोई ठोस कदम उठाने में विफल रही हैं।”
उन्होंने कहा, “असुरक्षित निर्माण कार्य आम लोगों की जान के लिए लगातार खतरा बना हुआ है।”
अधिकारियों ने बताया कि कार्यान्वयन एजेंसी की हरकतें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125 (ए) और (बी) का उल्लंघन हैं, और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मोहब्बेवाला चौक पर बुधवार को एक कार के कंटेनर ट्रक से टकरा जाने के कारण चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि कार ट्रक के नीचे आ गई थी, जिसमें छह साल के एक बच्चे और दो महिलाओं समेत पांच लोग फंस गए थे। पुलिस ने बच्चे को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन बाकी लोगों की इस हादसे में मौत हो गई।
भाषा प्रशांत अविनाश
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