Breaking News

UP: दिवाली-छठ तक लगातार बिजली सप्लाई के निर्देश     |   तूफान से बढ़े जलस्तर को लेकर निचले इलाकों में अलर्ट-सीएम चंद्रबाबू का निर्देश     |   ग्रेटर नोएडा : गौर चौक अंडरपास आज से ट्रायल रन के लिए खुला     |   लखनऊ यूनिवर्सिटी में दीपावली अवकाश घोषित, 6-7 और 10 नवंबर को ऑनलाइन क्लास     |   गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती, GRAP-II के तहत वाहनों की एंट्री पर पाबंदी     |  

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभिनेत्री कृति सेनन के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की

नयी दिल्ली, पांच नवंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभिनेत्री कृति सैनन के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए तीसरे पक्षों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार उनसे जुड़ी सामग्री को ऑनलाइन पोस्ट करने पर रोक लगा दी है। इनमें अभिनेत्री की ‘मॉर्फ’ की गई और अश्लील तस्वीरों, वीडियो और ऑडियो क्लिप के साथ-साथ चैटबॉट या वॉयस मॉडल के जरिये उनकी नकल करने वाली सामग्री शामिल है।

न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कृति से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री ऑनलाइन मंचों से हटाने का निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित सामग्री न केवल वादी की पहचान के व्यावसायिक मूल्य का अनुचित लाभ उठाती है, बल्कि उसकी गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है।

न्यायमूर्ति ने एक ऑनलाइन विक्रेता को कृति के व्यक्तित्व पर आधारित विशेषताओं वाली सामग्री बेचने से भी रोक दिया। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ सामग्री में कृति के निजी जीवन से जुड़ी तस्वीरों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी गई है।

अदालत ने यह अंतरिम फैसला 29 अक्टूबर को कृति की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी निजता संबंधी अधिकारों का उल्लंघन किया है, जिससे उन्हें ऐसा नुकसान पहुंचने की आशंका थी, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।

अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कृति से जुड़े समाचार, समीक्षा, आलोचना, टिप्पणी, व्यंग्य, पैरोडी और व्यंग्य-चित्र के प्रसारण या प्रशंसकों की अभिव्यक्ति पर कोई रोक नहीं है, बशर्ते वे आदेश में बताई गई उल्लंघनकारी श्रेणियों के अंतर्गत न आते हों।

भाषा पारुल अविनाश

अविनाश