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उड़ गया परिवार का चहेता 'लड्डू', ढूंढने वाले को मिलेंगे एक लाख रुपये

वडोदरा (गुजरात), पांच नवंबर (भाषा) 'लड्डू' उड़ गया है और वडोदरा में उसे अपने ‘बेटे’ की तरह पालने वाला परिवार उसे ढूंढने के लिए बेहाल है तथा उन्होंने उसे ढूंढने में मदद करने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की है।

‘लड्डू’ कोई और नहीं बल्कि पारेख परिवार का पालतू तोता है। परिवार को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि यह अफ्रीकी ग्रे तोता खुद से खाना भी नहीं खा सकता। परिवार को यह भी एहसास है कि जो लोग पालतू जानवरों को अपने परिवार का सदस्य नहीं मानते, उन्हें लड्डू की तलाश में उनकी यह बेचैनी कुछ अजीब या मजाकिया लग सकती है।

जेसिका पारेख ने कहा, ''मेरे लिए वह सिर्फ एक तोता नहीं था, बल्कि मेरी आंखों का तारा था।'' जेसिका लड्डू की देखभाल अपने बेटे की तरह करती थीं। अपने आंसुओं पर काबू पाने की कोशिश करते हुए उन्होंने लोगों से इस पक्षी को तलाशने की अपील की। लड्डू 31 अक्टूबर को शाम सात बजे से लापता है।

पारेख ने बताया कि लड्डू ने अपने पिंजरे का दरवाजा खोल लिया और उड़ गया। इसके बाद परिवार ने उसे तलाशने के लिए हरसंभव कोशिश शुरू कर दी। परिवार पुणे के एक पक्षी पालक से छह महीने के इस नर तोते को खरीदकर लाया था। वह पिछले करीब चार महीने से सेवासी रोड इलाके में स्थित उनके घर में रह रहा था।

उन्होंने कहा, ''हमारे लिए वह सिर्फ बेटा नहीं, बल्कि उससे भी बढ़कर था। वह हमारे दिल का एक टुकड़ा था। हमने सेवासी, गोत्री, भयली और शहर के कई अन्य इलाकों में उसे खूब तलाशा, लेकिन कहीं नजर नहीं आया। बचाव दलों ने सुझाव दिया कि शायद वह बहुत दूर नहीं गया होगा, लेकिन हमने काफी दूर तक उसकी तलाश की।''

पारेख ने बताया कि परिवार ने लड्डू को वापस बुलाने के लिए लाउडस्पीकर पर अपनी आवाज में उसे पुकारने की रिकॉर्डिंग भी चलाई। उन्होंने सीटी बजाकर भी उसे बुलाने की कोशिश की, लेकिन उनकी सारी कोशिशें बेकार गईं।

उन्होंने कहा कि अफ्रीकी ग्रे तोते अपनी असाधारण बुद्धिमत्ता और इंसानों की बोली की नकल करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। ये बेहद सामाजिक पक्षी होते हैं और अपने देखभाल करने वालों के साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव बना लेते हैं।

पारेख ने कहा, ''उसे बहुत तकलीफ हो रही होगी। वह घर लौटने के लिए बेचैन होगा। मुझे पता है कि मेरा 'बेटा' खुद से खाना नहीं खा सकता। मैं ही उसे खाना खिलाती थी। हो सकता है कि पिछले चार दिनों से उसने कुछ नहीं खाया हो।''

उन्होंने कहा कि जो लोग अपने पालतू जानवरों को परिवार का हिस्सा नहीं मानते, वे लड्डू को तलाशने की उनकी कोशिशों को हल्के में ले सकते हैं।

उन्होंने कहा, ''हमें आशंका है कि वह किसी सुनसान जगह पर होगा, शायद नदी के आसपास। उसके पैर में लाइसेंस नंबर वाली एक अंगूठी है। उसकी चोंच पर हल्की खरोंच है और हाल ही में लगी चोट के कारण आंख के पास सुई की नोक जितना छोटा निशान भी है। अगर कोई हमें वीडियो कॉल करके उसे दिखाएगा, तो हम उसे पहचान लेंगे।''

पारेख ने बताया कि उनके परिवार ने लड्डू को ढूंढने में मदद करने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति लड्डू को खोजने में मदद करेगा, परिवार उसे खुशी-खुशी यह इनाम देगा।

उन्होंने बताया कि लड्डू दूसरे लोगों के सामने थोड़ा शर्माता है और किसी को देखते ही चुपचाप बैठ जाता है।

पारेख ने कहा, ''आमतौर पर नाम लेकर बुलाने पर वह जवाब नहीं देता, लेकिन सीटी बजाने पर जरूर प्रतिक्रिया देता है... अगर वडोदरा के सभी लोग मिलकर कोशिश करें, तो हम उसे ढूंढ सकते हैं।''

अफ्रीकी ग्रे तोते की यह प्रजाति कभी पश्चिम और मध्य अफ्रीका के कई हिस्सों में आम तौर पर पाई जाती थी, लेकिन जंगलों में इनकी संख्या में भारी गिरावट आई है। वन्यजीव व्यापार पर शोध करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, उदाहरण के तौर पर घाना में 1990 के दशक की शुरुआत से इनकी आबादी में 90 से 99 प्रतिशत तक की कमी आई है।

पक्षियों की दुनिया में अफ्रीकी ग्रे तोते अपनी बुद्धिमत्ता के अलावा स्पष्ट रूप से बोलने और शब्दों का विशाल भंडार रखने की क्षमता के लिए भी मशहूर हैं। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, ये इंसानों की आवाज, घरों में सुनाई देने वाली दरवाजे की घंटी जैसी आवाजों और यहां तक कि फोन की ‘रिंगटोन’ की भी हूबहू नकल कर सकते हैं।

भाषा गोला नरेश

नरेश