नयी दिल्ली, पांच नवंबर (भाषा) पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढह जाने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच जख्मी हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्माणाधीन इमारत ढहने की घटना की जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने संबंधित कनिष्ठ अभियंता (जेई) और सहायक अभियंता (एई) को निलंबित कर दिया है।
गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से भी निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, सुबह करीब 9:50 बजे गली शाहतारा में शीश महल में इमारत ढहने की सूचना मिली। यह जगह चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित है।
पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि डीएफएस की टीम ने मलबे से दो लोगों को मृत अवस्था में बाहर निकाला है।
उन्होंने कहा कि डीएफएस की टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने चार अन्य लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया था।
अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में कई दमकल इकाइयां बचाव अभियान चला रही हैं।
एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस भूखंड पर तीन मंजिला इमारत ढही, उसका क्षेत्रफल 50 वर्ग मीटर था। इस इमारत के लिए कोई भवन निर्माण योजना स्वीकृत नहीं कराई गई थी और निर्माण को लेकर नगर निगम को कोई शिकायत भी नहीं मिली थी।
अधिकारी ने बताया कि इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन करीब 15 दिन पहले इसे रोक दिया गया था। हादसे के समय मजदूर छत के नीचे लगे सहारे हटाने का काम कर रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी और ठीक से जम भी नहीं पाई थी। माना जा रहा है कि यह भी इमारत ढहने की एक वजह हो सकती है।
मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि हौज काजी इलाके में स्थित यह इमारत तीसरी मंजिल तक बनी हुई थी और छत का लिंटर डालने के दौरान ढह गई।
उन्होंने बताया कि आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों को बाहर निकाल लिया गया है, क्योंकि इससे सटी एक इमारत की स्थिति भी खतरनाक थी।
सिंह ने कहा कि पुलिस ने ठेकेदार की पहचान कर ली है और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण अनधिकृत था।
डीसीपी ने कहा, ‘‘निर्माण कार्य के दौरान वहां करीब 10 से 15 मजदूर मौजूद थे।’’
भाषा नोमान शफीक
शफीक