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छह राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों में एसएसआर घोषित, अंतिम सूची 21 जनवरी को होगी प्रकाशित

नयी दिल्ली, पांच नवंबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, मिजोरम, ओडिशा तथा सिक्किम में मतदाता सूचियों के वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) की घोषणा की।

इस पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं, विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले लोगों को मतदाता सूची में शामिल करना तथा एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर, 2027 को पात्र होने वाले लोगों के अग्रिम आवेदन की सुविधा प्रदान करना है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदाता सूचियों का प्रारूप 30 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी।

आयोग ने कहा कि दोहराव या एक से अधिक प्रविष्टियों से संबंधित नाम हटाने के आवेदनों के मामले में क्षेत्रीय सत्यापन अनिवार्य होगा। किसी मतदान केंद्र पर मतदाताओं की कुल संख्या के दो प्रतिशत से अधिक नाम हटाने के प्रस्ताव या एक ही आपत्तिकर्ता द्वारा पांच से अधिक आपत्तियां दाखिल किए जाने की स्थिति में निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जांच करनी होगी।

आयोग ने स्पष्ट किया कि फॉर्म 6 और 8 में आधार का विवरण देना स्वैच्छिक रहेगा। आधार का विवरण नहीं देने के आधार पर न तो मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का कोई आवेदन खारिज किया जा सकेगा और न ही पहले से दर्ज किसी नाम को हटाया जा सकेगा।

निर्वाचन आयोग ने 15 अक्टूबर को 17 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की घोषणा की थी। इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब जैसे चुनाव वाले राज्य भी शामिल हैं।

आयोग ने उस समय पहली बार राजनीतिक दलों को मतदाता सूचियां छवि (इमेज) वाली फाइलों के बजाय 'पठनीय पीडीएफ प्रारूप' में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था।

निर्वाचन आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इस प्रक्रिया के लिए पर्याप्त कर्मचारियों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

भाषा हक नरेश

नरेश