नयी दिल्ली, पांच नवंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब में पीसीएस की मुख्य परीक्षा के नतीजों में कथित अनियमतताओं को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधते हुए उस पर कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और “प्रश्नपत्र लीक माफियाओं” को बचाने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि ऐसे अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया, जिन्होंने परीक्षा के लिए पंजीकरण ही नहीं कराया था और जिनके पास रोल नंबर तक नहीं थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि चयनित अभ्यर्थियों में से 24.2 प्रतिशत एक ही परीक्षा केंद्र से कैसे जुड़े थे, जबकि पास के ही एक अन्य केंद्र से चयन की दर लगभग दो फीसदी थी।
भंडारी ने मामले में ‘आप’ नेताओं की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा, “एक ही केंद्र से लगभग 25 फीसदी अभ्यर्थियों का चयन कैसे हो सकता है? वैचारिक और तार्किक रूप से यह पूरी तरह से असंभव लगता है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में हर रिक्ति के लिए तीन अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाने के निर्धारित नियम का पालन नहीं किया गया।
भंडारी ने कहा, “नियम के अनुसार, हर रिक्त पद के लिए तीन अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। लेकिन इस बार इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।”
उन्होंने कहा कि यह परीक्षा पिछली बार साल 2020 में आयोजित हुई थी और सवाल उठाया कि दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नतीजे क्यों घोषित नहीं किए गए।
भंडारी ने इस बात को रेखांकित किया कि सभी परीक्षा केंद्र पटियाला जिले में स्थित थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस केंद्र से सबसे अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ, वह एक ‘आप’ विधायक, एक ‘आप’ सांसद और एक कांग्रेस सांसद के निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आता है।
भंडारी ने पूछा, “क्या कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच कोई मिलीभगत है?”
उन्होंने सवाल किया कि क्या अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने प्रभाव का दुरुपयोग करके ‘आप’ नेताओं से जुड़े अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया।
भंडारी ने पूछा, “क्या इसमें पैसों का कोई खेल शामिल था?”
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना रोल नंबर वाले अभ्यर्थियों को पैसे या कमीशन लेकर नामांकित और चयनित किया गया हो सकता है।
भाजपा प्रवक्ता ने मांग की कि नतीजों को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर पंजाब सरकार को जवाब देना चाहिए।
भाषा पारुल मनीषा
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