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बरेली में मतदाता सूची से 26 लोगों के नाम हटाने के मामले में बीएलओ निलंबित, जांच के आदेश

बरेली (उप्र), पांच नवंबर (भाषा) बरेली जिले के एक गांव में मतदाता सूची से 26 लोगों के नाम कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए जाने के मामले में बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार आरोप है कि बीएलओ ने पूर्व ग्राम प्रधान के साथ मिलीभगत कर कथित तौर पर रिश्वत लेकर इन लोगों के नाम सूची से हटवाए थे।

उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

अधिकारियों ने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि साजिश के तहत जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले की शिकायत शेरगढ़ ब्लॉक की मोहम्मदपुर ग्राम पंचायत के मौजूदा ग्राम प्रधान राहुल गंगवार ने जनशिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पोर्टल पर दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया कि मोहम्मदपुर के कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक नफीस मोहम्मद खान को बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और उन्होंने पूर्व ग्राम प्रधान रहमान खान के साथ मिलीभगत कर कथित रूप से रिश्वत लेकर 26 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवा दिए।

शिकायत मिलने के बाद उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के स्तर पर जांच कराई गई। तीन सदस्यीय समिति ने बीएलओ से पूछताछ की और नाम हटाए जाने के संबंध में दस्तावेज मांगे।

अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बीएलओ नाम हटाने के पीछे कोई संतोषजनक साक्ष्य या ठोस कारण प्रस्तुत नहीं कर सके।

उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने नफीस मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मीरगंज खंड के सहसा गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय से संबद्ध किया गया है।

जिलाधिकारी सिंह ने बताया कि आरोपों में प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाने के बाद उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट चुनाव कार्यालय और बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी थी।

उन्होंने कहा कि प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि मतदाताओं के नाम जानबूझकर किसी साजिश के तहत हटाए गए थे, इसके पीछे कोई सांप्रदायिक पूर्वाग्रह था या फिर यह किसी तकनीकी त्रुटि का परिणाम था।

जिलाधिकारी ने बताया कि अन्य आरोपों की जांच के लिए अलग से एक समिति भी गठित की गई है।

विभागीय जांच के लिए फतेहगंज पश्चिम के खंड शिक्षा अधिकारी भानु शंकर गंगवार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें आरोपपत्र तैयार करने और बेसिक शिक्षा अधिकारी से मंजूरी लेने के बाद 15 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

इस बीच, वेद प्रकाश, हेमकाली, ललिता देवी, राकेश और ठाकुरैन लाल समेत कई ग्रामीणों ने प्रशासन को शपथ-पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि उनके नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जानबूझकर किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाषा सं जफर मनीषा खारी

खारी