इंफाल, पांच नवंबर (भाषा) मणिपुर के उखरुल जिले में सैकड़ों लोगों ने बृहस्पतिवार को रैली निकाली और राज्य में जातीय संघर्ष समाप्त करने, उग्रवादी संगठनों के साथ किए गए ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस’ (एसओओ) समझौते को रद्द करने तथा उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को पद से हटाने की मांग की।
उखरुल जिला मुख्यालय में आयोजित ‘जन रैली’ में महिलाओं एवं बुजुर्गों सहित प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर लिखा था, 'एसओओ समझौता रद्द करो, कुकी उग्रवादियों को आतंकवादी घोषित करो' और 'नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री पद से हटाओ'। किपगेन कुकी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
एसओओ समझौता केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कुकी तथा जोमी के दर्जनों उग्रवादी संगठनों के बीच हुआ त्रिपक्षीय समझौता है।
प्रदर्शनकारियों ने 'मणिपुर में राजनीतिक संकट का समाधान करने, नगा बहुल इलाकों से असम राइफल्स को हटाने और राज्य में छद्म युद्ध रोकने' की मांगें भी उठाईं।
रैली में प्रदर्शनकारियों ने कुकी उग्रवादी संगठनों के खिलाफ नारे लगाए।
इस रैली का आयोजन यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) के तत्वावधान में तंगखुल नगा लॉन्ग (टीएनएल) ने तंगखुल के विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर किया था।
पड़ोसी कामजोंग जिले में भी इसी तरह की रैली निकाली गई।
इस साल फरवरी में कुकी और नगा समुदायों के बीच जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से तामेंगलॉन्ग, नोनी, कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में 50 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और दर्जनों घर जला दिए गए हैं।
राज्य में इससे पहले इंफाल घाटी में रहने वाले मेइती समुदाय और आसपास की पहाड़ियों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा हुई थी। इसमें 300 से अधिक लोग मारे गए थे, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
भाषा गोला रंजन
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