तिरुवनंतपुरम, पांच नवंबर (भाषा) केरलम में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाने के लिए बृहस्पतिवार को श्रम विभाग के तहत आने वाले 16 कल्याण निधि बोर्ड के 78 चयनित कार्यालयों में एक साथ छापेमारी शुरू की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वीएसीबी के अधिकारियों के अनुसार, ‘ऑपरेशन वेलफेयर फंड’ नाम से शुरू यह अभियान सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुआ। इसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार का पता लगाना और उसे रोकना है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में संचालित विभिन्न कल्याण निधि बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की सूचनाएं मिलने के बाद सतर्कता निदेशक मनोज अब्राहम ने निरीक्षण का आदेश दिया था।
अधिकारियों के अनुसार, ब्यूरो को सूचना मिली थी कि कुछ अधिकारी श्रमिकों और नियोक्ताओं से एकत्र किए गए अंशदान को संबंधित कल्याण निधि में समय पर जमा नहीं कर रहे थे और उस धन का कथित तौर पर गबन कर रहे थे।
इसके अलावा, आरोप हैं कि अवैध लाभ लेकर अपात्र लोगों को पेंशन और अन्य कल्याणकारी लाभ मंजूर किए गए तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भी लाभ वितरित किए गए।
वीएसीबी को यह जानकारी भी मिली थी कि लाभार्थियों की मृत्यु के बाद भी उनके बैंक खातों का विवरण बदलकर पेंशन का भुगतान जारी रखा गया। कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति को एक लाभ का कई बार भुगतान किए जाने की भी सूचना मिली थी।
अधिकारियों ने बताया कि अन्य संदिग्ध अनियमितताओं में सरकार द्वारा दरों में संशोधन के बावजूद पुरानी दरों पर अंशदान वसूलना, नियोक्ताओं के अंशदान की वापसी के समय अनिवार्य कटौती नहीं करना, बकाया ऋण की वसूली किए बिना कल्याणकारी लाभ वितरित करना और अपात्र लाभार्थियों को अनुग्रह राशि देना शामिल है।
ब्यूरो सरकारी सहायता और कल्याण निधि की राशि का उन उद्देश्यों के अलावा अन्य कामों में कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने की भी जांच कर रहा है, जिनके लिए ये धनराशि मंजूर की गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्यव्यापी निरीक्षण भ्रष्टाचार मुक्त केरलम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘प्रोजेक्ट जीरो’ के तहत सतर्कता विभाग के सक्रिय उपायों का हिस्सा है।
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