कोरापुट (ओडिशा), पांच नवंबर (भाषा) ओडिशा में कोरापुट जिले के कोटिया क्षेत्र के 30 से अधिक लोगों ने बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे तक आंध्र प्रदेश के सारिकी गांव के एक मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
पड़ोसी राज्य में पंचायत चुनाव बृहस्पतिवार को शुरू हुए।
इससे एक दिन पहले, ओडिशा पुलिस ने अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित नेराडिवलसा गांव में आंध्र प्रदेश प्रशासन द्वारा बनाए गए एक मतदान केंद्र को सील कर दिया था। पड़ोसी राज्य की सरकार द्वारा विवादित क्षेत्र के कुछ गांवों में ग्रामीण चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाने के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ गया था।
दशकों पुराने इस विवाद में ओडिशा और आंध्र प्रदेश, दोनों ही राज्यों का दावा है कि दो राज्यों की सीमा पर स्थित कोटिया ग्राम पंचायत के 28 में से 21 गांव उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। यह मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है। ओडिशा की ओर से जनवरी 2022 में दायर एक मुकदमा भी अभी विचाराधीन है।
इन गांवों के लोगों को दोहरे मतदान का अधिकार प्राप्त है, जिसके तहत उन्हें दोनों राज्यों में मतदान करने का विशेष अधिकार मिलता है।
बुधवार को कोरापुट जिला प्रशासन ने नेराडिवलसा गांव में एक मतदान केंद्र को सील कर दिया था, जिसके बाद उसे सारिकी स्थानांतरित कर दिया गया।
जयपुर के विधायक तारा प्रसाद बहिनिपति, पोटांगी के विधायक राम चंद्र कदम और बीजू जनता दल (बीजद) नेता भृगु बक्सीपात्र ने मतदान करने के बाद नेराडिवलसा लौटे कुछ मतदाताओं से सवाल-जवाब किए। उन्होंने उनसे पूछा कि विवाद जारी होने के बावजूद उन्होंने चुनाव में हिस्सा क्यों लिया।
सूत्रों ने बताया कि दोहरे मतदाता पहचान पत्र रखने वाले कोटिया क्षेत्र के कुछ लोग नदी और पहाड़ियों को पार करके बृहस्पतिवार तड़के चुपके से सारिकी गांव पहुंचे और मतदान किया।
भाषा गोला रंजन
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