Breaking News

UP: दिवाली-छठ तक लगातार बिजली सप्लाई के निर्देश     |   तूफान से बढ़े जलस्तर को लेकर निचले इलाकों में अलर्ट-सीएम चंद्रबाबू का निर्देश     |   ग्रेटर नोएडा : गौर चौक अंडरपास आज से ट्रायल रन के लिए खुला     |   लखनऊ यूनिवर्सिटी में दीपावली अवकाश घोषित, 6-7 और 10 नवंबर को ऑनलाइन क्लास     |   गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती, GRAP-II के तहत वाहनों की एंट्री पर पाबंदी     |  

केरलम : एलपीएसटी रैंक धारकों की भूख हड़ताल में शामिल हुए कॉजपा के नेता

तिरुवनंतपुरम (केरलम), पांच नवंबर (भाषा) सरकारी स्कूलों में नियुक्तियों की मांग को लेकर तिरुवनंतपुरम स्थित केरलम सचिवालय के सामने एलपीएसटी (निम्न प्राथमिक विद्यालय शिक्षक) रैंक धारकों की ओर से आयोजित 12 घंटे की भूख हड़ताल में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के दक्षिण भारत प्रभारी विजय रेड्डी एम. बृहस्पतिवार को शामिल हुए।

रेड्डी के अलावा कॉजपा के कुछ अन्य कार्यकर्ता भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

कॉजपा नेता ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने पहले वादा किया था कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के सत्ता में आने के 24 घंटे के भीतर निम्न प्राथमिक विद्यालय शिक्षक (एलपीएसटी) रैंक धारकों से जुड़ा मुद्दा सुलझा लिया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारी बहुत शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री अपना वादा निभाएंगे। लेकिन उनके शपथ लेने के करीब छह महीने बाद भी यह मुद्दा हल नहीं हुआ है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का अपना वादा पूरा नहीं कर पाना सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों में अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें काफी अनियमितता और भ्रष्टाचार है। इसलिए स्थिति स्पष्ट करने के लिए हमारी मांग है कि सभी स्कूलों में लोक सेवा आयोग (पीएससी) के माध्यम से एक समान भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाए।’’

‘एक्शन काउंसिल’ की सचिव एवं एलपीएसटी रैंक धारकों की संयोजक वलारमती पिछले एक सप्ताह से सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठी हैं।

उन्होंने एलपीएसटी पदों के लिए केरलम लोक सेवा आयोग की रैंक सूची की वैधता समाप्त होने से पहले सरकारी स्कूलों में नियुक्तियां करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू करने से पहले 26 अक्टूबर को अपना मुंडन कराया था।

हालांकि, शिक्षा मंत्री पी. शम्सुद्दीन ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की थी, लेकिन फिर भी यह मुद्दा सुलझ नहीं सका।

मुख्यमंत्री सतीशन ने बुधवार को कहा था कि उनकी सरकार वित्तीय बाधाओं के कारण आंदोलनरत एलपीएसटी रैंक धारकों की शिक्षक-छात्र अनुपात घटाने की मांग स्वीकार करने में असमर्थ है।

भाषा खारी मनीषा

मनीषा