(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, पांच नवंबर (भाषा) सऊदी अरब ने पाकिस्तान के लिए इस साल अप्रैल में दी गई तीन अरब डॉलर की वित्तपोषण सुविधा को ‘‘उचित अवधि’’ के लिए बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बुधवार को संसद भवन में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘इसकी अवधि बढ़ा दी गई है और यह उचित अवधि के लिए है।’’
अखबार ‘डॉन’ ने एक खबर में उनके हवाले से बताया कि वित्त मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘आपको यह चिंता करने की जरूरत नहीं है कि यह कितने समय के लिए है, क्योंकि हमारे बीच इस तरह के रणनीतिक संबंध हैं।’’
उनसे वित्तपोषण सुविधा की अवधि के 31 अक्टूबर को समाप्त होने को लेकर सवाल किया गया था।
सऊदी अरब ने इस साल अप्रैल में पाकिस्तान को तीन अरब डॉलर की वित्तपोषण सुविधा दी थी। इससे पहले पाकिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 3.5 अरब डॉलर लौटाए थे। शुरुआत में यह सुविधा तीन महीने के लिए दी गई थी।
औरंगजेब ने कहा कि सऊदी अरब ने वित्तपोषण की कमी को पूरा करने के लिए पांच अरब डॉलर की एक अन्य सहायता भी दी थी, जिसकी अवधि पहले ही 2028 तक बढ़ाई जा चुकी है।
‘डॉन’ के अनुसार, यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान ने अतिरिक्त सहायता भी मांगी है, मंत्री ने इससे इनकार किया।
उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है, क्योंकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार तीन महीने से अधिक के आयात के लिए पर्याप्त है और पूंजी बाजारों के जरिये इसे मजबूत कर साल के अंत तक चार महीने के आयात के बराबर करने की योजना है।
इस साल जुलाई में अमेरिका से मांगी गई 10 अरब डॉलर की ‘एक्सचेंज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी’ (ईएसएसएफ) की संभावनाओं के बारे में एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने पिछले कई महीनों के दौरान खुद जताई गई उम्मीदों को कम करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, ‘‘जुलाई में हमने जो मांगा था और जिस पर विचार कर रहे थे, वह बाजार तक पहुंच थी। हमें बाजार तक पहुंच मिल गई है।’’
उनका इशारा पाकिस्तान द्वारा सितंबर में जारी किए गए तीन अरब डॉलर के बॉन्ड की ओर था, जिसके लिए छह अरब डॉलर की बोलियां मिली थीं।
मंत्री ने कहा, ‘‘अगर यह (ईएसएसएफ) सुविधा मिल जाती है, तो बहुत अच्छी बात होगी। यह नकदी सहायता सुविधा होगी। अन्यथा, हमारे पास आगे यूरोबॉन्ड जारी करने, पांडा बॉन्ड जारी करने और रुपये से जुड़ा डॉलर में भुगतान वाला बॉन्ड जारी करने की योजनाएं हैं।’’
उन्होंने बताया कि बैंकॉक में उनकी 70-80 संस्थागत निवेशकों के साथ बैठकें हुई थीं। इन निवेशकों की पाकिस्तान को लेकर स्पष्ट राय थी और पांच साल तथा 10 साल की अवधि वाले बॉन्ड के लिए प्रस्ताव उपलब्ध थे।
उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि हम स्पष्ट रूप से [आईएमएफ] कार्यक्रम से आगे की अवधि को ध्यान में रखकर योजना बना रहे हैं।’’
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर की राशि जारी करने की मंजूरी देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यकारी बोर्ड की बैठक दिसंबर में होगी।
भाषा निहारिका मनीषा
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