तिरुवनंतपुरम, पांच नवंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पी. राजीव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने यह तथ्य छिपाया कि हिमाचल प्रदेश से बिजली खरीदने के बजाय एक निजी कंपनी से बिजली खरीदने पर राज्य को अधिक नुकसान होगा।
राजीव ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार के निजी ‘व्यापारिक मंच’ के जरिए बिजली खरीदने के फैसले से ‘‘बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होगा।’’
सतीशन ने बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया था कि निजी व्यापारिक मंच के जरिए बिजली खरीदने से राज्य को 2,232 करोड़ रुपये की बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि एक प्रस्ताव के तहत 'पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन' (पीटीसी) इंडिया लिमिटेड के माध्यम से हिमाचल प्रदेश से 14.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने की योजना थी जबकि 'जीएनए एनर्जी' ने 8.63 रुपये और 8.90 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देने की पेशकश की थी।
जीएनए एनर्जी एक डिजिटल मंच है, जो बिजली के संभावित खरीदारों और विक्रेताओं को एक साथ लाती है। इसे 'ओवर द काउंटर' (ओटीसी) मंच कहा जाता है।
सतीशन के दावों को ‘‘झूठा’’ करार देते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जीएनए से पूरी अवधि के लिए बिजली खरीदनी होगी, जिसमें बिजली की कम मांग वाले घंटे भी शामिल है और इस दौरान राज्य में उत्पादित बिजली जरूरत से अधिक होती है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल सर्वाधिक मांग वाले घंटों के दौरान ही बिजली उपलब्ध करा रहा था, दिन के समय नहीं।
भाषा प्रचेता मनीषा
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