न्यूयॉर्क, पांच नवंबर (भाषा) अमेरिका में धोखाधड़ी योजना के जरिए बुजुर्गों को निशाना बनाने और योजना से प्राप्त रकम के धन शोधन के आरोप में 60 वर्षीय भारतीय नागरिक को आठ साल की जेल की सजा सुनाई गई है।
आरोपी को पीड़ितों को 24 लाख अमेरिकी डॉलर का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है।
भारतीय नागरिक और इलिनोइस के पूर्व निवासी अहमद मकबूल सैयद को अमेरिकी जिला न्यायाधीश जॉन सी. हिंडरेकर ने पिछले सप्ताह 96 महीने (आठ साल) की जेल की सजा सुनाई।
सैयद ने इससे पहले धनशोधन की साजिश रचने का अपराध स्वीकार कर लिया था। अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बयान में कहा कि अदालत ने उसे पीड़ितों को लगभग 24 लाख अमेरिकी डॉलर की क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है।
सैयद बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे धोखाधड़ी के एक गिरोह की कमाई को वैध बनाने की साजिश में शामिल था। यह गिरोह खुद को तकनीकी सहायता प्रदाता और सरकारी अधिकारी बताकर अमेरिका भर में बुजुर्गों को निशाना बनाता था। इसके पीड़ितों में एरिजोना के लोग भी शामिल थे।
धोखाधड़ी करने वाले लोग पीड़ितों को यकीन दिलाते थे कि उनके खाते हैक हो गए हैं और उनकी जानकारी सुरक्षित नहीं रही जबकि ऐसा नहीं होता था।
बयान के अनुसार, कुछ मामलों में पीड़ितों को गलत तरीके से यह विश्वास दिलाया गया कि उनके खाते बाल अश्लील सामग्री या अन्य अपराधों से जुड़े हुए हैं। इसके बाद धोखाधड़ी करने वालों ने पीड़ितों को यह कहकर अपने खातों से धन निकालने या उसे दूसरे खातों में भेजने के निर्देश दिए कि उन्हें अपनी संपत्ति की सुरक्षा करनी होगी।
बयान में कहा गया है कि इसके बाद आरोपी पीड़ितों से कहते थे कि वे अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए या तो पैसे निकाल लें या उन्हें स्थानांतरित कर दें।
भाषा सुरभि रंजन
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