(फाइल फोटो के साथ)
पणजी, पांच नवंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि बृहस्पतिवार से दक्षिण गोवा में शुरू होने वाला राष्ट्रीय खनन सम्मेलन केंद्र तथा राज्यों को खनन एवं कोयला क्षेत्रों में सुधारों, उभरती चुनौतियों और इन क्षेत्रों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा के लिए एक मंच उपलब्ध कराएगा।
कोयला एवं खान मंत्री दो दिवसीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बुधवार शाम इस तटीय राज्य पहुंचे।
रेड्डी ने बुधवार देर शाम ही सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दो दिवसीय यह सम्मेलन केंद्र तथा राज्यों को प्रमुख सुधारों, उभरती चुनौतियों और खनन एवं कोयला क्षेत्रों को मजबूत करने के उपायों पर केंद्रित चर्चा के लिए एक साथ लाएगा।’’
उन्होंने कहा कि सम्मेलन के एजेंडे में महत्वपूर्ण खनिजों की नीलामी के नए चरणों की शुरुआत, खनिज प्रशासन को मजबूत करने के लिए डिजिटल पहल और सुधारों को आगे बढ़ाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा इस क्षेत्र की पूरी क्षमता का उपयोग करने के तरीकों पर राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा शामिल है।
मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि इस सम्मेलन में सार्थक चर्चा होगी और एक मजबूत, अधिक कुशल तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप खनन एवं कोयला क्षेत्र बनाने के लिए मिलकर प्रयास किए जाएंगे।’’
सम्मेलन के आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन के दौरान महत्वपूर्ण खनिजों की नीलामी के नौवें चरण के साथ-साथ अन्वेषण लाइसेंस (ईएल) ब्लॉक के तीसरे चरण की शुरुआत की जाएगी।
नीलामी का नौवां दौर या चरण खान मंत्रालय द्वारा कंपनियों को अन्वेषण और खनन के लिए महत्वपूर्ण खनिजों वाले ब्लॉक आवंटित करने के वास्ते आयोजित किया जाता है।
ईएल ब्लॉक के तीसरे चरण का मतलब उन खनिज क्षेत्रों के तीसरे समूह से है, जिन्हें खान मंत्रालय खनिज अन्वेषण के लिए कंपनियों को प्रतिस्पर्धी नीलामी के जरिये उपलब्ध करा रहा है।
भाषा निहारिका
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