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जयशंकर ने राष्ट्रमंडल देशों से ‘जोखिम कम करने और विविधता लाने’ का किया आह्वान

सेंट जॉन्स, पांच नवंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रमंडल देशों के बीच स्थानीय स्तर पर वस्तुओं के वितरण और आपसी व्यापार को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर देते हुए सदस्य देशों से आपूर्ति के मौजूदा स्रोतों पर निर्भरता घटाने और नए विकल्प तलाशने का आह्वान किया है।

जयशंकर राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (सीएचओजीएम) में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को एंटीगुआ एवं बारबुडा के सेंट जॉन्स पहुंचे।

राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों और व्यापारिक नेताओं की बैठक में शामिल होने के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल के साझेदार देशों को (आपूर्ति के स्रोतों को लेकर) जोखिम कम करने और विविधता लाने की जरूरत है। इसके लिए छोटी और भरोसेमंद आपूर्ति शृंखलाएं आवश्यक हैं।’’

जयशंकर ने कहा कि राष्ट्रमंडल के साझेदार देशों को स्थानीय स्तर पर वस्तुओं के वितरण को मजबूत करने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर संपर्क मार्ग व्यापार को बढ़ावा देने में मददगार साबित होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रशिक्षण और दक्षता विकास को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, क्योंकि इससे साझेदार देशों को अधिक विकल्प मिलते हैं।’’

विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया भर में फैला भारतीय कारोबारी समुदाय राष्ट्रमंडल के लिए एक बड़ी संपत्ति है।

जयशंकर ने सुशासन में डिजिटल बुनियादी ढांचे के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘डिजिटल प्रौद्योगिकी बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाती है, क्योंकि इससे कार्यकुशलता, सुशासन और विकास को बढ़ावा मिलता है।’’

उन्होंने कहा कि जलवायु संबंधी कदमों के लिए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) और आपदा रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन (सीडीआरआई) का लाभ उठाया जा सकता है।

मानवीय सहायता और आपदा राहत के क्षेत्र में भारत के अनुभव साझा करते हुए जयशंकर ने कहा, ‘‘आपदाओं के दौरान सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले देश के रूप में हमारे अनुभव और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत से जुड़ी गतिविधियां स्थानीय सहायता केंद्रों की जरूरत को रेखांकित करती हैं।’’

उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल देशों के बीच आपसी तालमेल और सहज संपर्क ‘‘समृद्धि और विकास के लिए व्यापार को बढ़ावा दे सकते हैं।’’

उन्होंने कौशल के आदान-प्रदान को भी राष्ट्रमंडल के लिए एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता बताया।

इस वर्ष राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक का विषय ‘समृद्ध राष्ट्रमंडल के लिए साझेदारी और निवेश को गति देना’ है।

जयशंकर ने राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक से इतर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से भी मुलाकात की।

उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बर्नहम के साथ भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) पर चर्चा की।

बर्नहम से मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘सीईटीए के संदर्भ में अपनी आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक परिदृश्य पर भी चर्चा की।’’

भाषा खारी रंजन

रंजन