लेह/जम्मू, चार नवंबर (भाषा) सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को लद्दाख प्रशासन की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह उसके फैसलों पर सवाल उठाने वाले संस्थानों और व्यक्तियों के खिलाफ ‘विच हंट’ (चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई) की नीति अपना रहा है।
वांगचुक ने आरोप लगाया कि हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (एचआईएएल) और उसके स्कूल के खिलाफ कार्रवाई क्षेत्र में असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश का हिस्सा है।
वांगचुक ने फ्यांग स्थित ‘डेजर्ट फ्लावर स्कूल’ से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए एचआईएएल को एक नवंबर को जारी नोटिस पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने केंद्रशासित प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों पर कथित तौर पर लगाई गई पाबंदियों और शराब प्रतिष्ठानों के लिए नियमों में दी गई ढील के बीच विरोधाभास को रेखांकित करते हुए प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।
उन्होंने लेह में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, ‘‘शिक्षा रोक दो, बच्चों को शिक्षित होने से रोको, स्कूलों को बंद रखो लेकिन शराब को और अधिक सुलभ बना दो और पूरे इलाके को शराब की लत की ओर धकेल दो। हमें तो ये नीतियां कुछ ऐसी ही लगती हैं।’’
इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो भी मौजूद थीं, जो एचआईएएल की सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं।
लद्दाख प्रशासन ने हाल ही में वांगचुक द्वारा स्थापित एचआईएएल को निर्देश दिया है कि वह अपने ‘डेजर्ट फ्लावर स्कूल’ के संचालन से जुड़ी कोई भी नयी गतिविधि तब तक शुरू न करे, जब तक जम्मू कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय इस मामले में अंतिम फैसला नहीं सुना देता।
भाषा प्रचेता रंजन
रंजन