(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क, पांच नवंबर (भाषा) अमेरिका में न्यूयॉर्क सिटी के महापौर जोहरान ममदानी ने बुधवार को कहा कि मध्यावधि चुनावों के नतीजे उन राजनेताओं के खिलाफ एक ‘‘जनमत संग्रह’’ हैं जो कामकाजी लोगों से कहते थे कि उनकी जरूरतें अवास्तविक हैं।
ममदानी ने कहा कि निचले सदन ‘प्रतिनिधि सभा’ और उच्च सदन ‘सीनेट’ में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों की शानदार जीत देखना ‘‘अद्भुत’’ है।
ममदानी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘इस ‘ब्लू वेव’ (डेमोक्रेटिक पार्टी के झंडे के रंग वाली नीली लहर) को देखना अद्भुत है।’’
वह मंगलवार को हुए मध्यावधि चुनावों में देशभर में डेमोक्रेटिक पार्टी की शानदार जीत का जिक्र कर रहे थे।
इन नतीजों से पार्टी को प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत मिल गया है। साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी की नीतियों को करारा झटका लगा है।
ममदानी ने कहा कि ये नतीजे पूरे अमेरिका की राजनीति के लिए एक तरह का जनमत संग्रह हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह जनमत संग्रह उन राजनेताओं के लिए था जो आम कामकाजी लोगों से कहते हैं कि उनकी जरूरतें अवास्तविक हैं जबकि वही राजनेता देश के सबसे अमीर लोगों की हर बात मानने को तैयार रहते हैं और मुझे लगता है कि यह चुनाव (उपराष्ट्रपति) जे.डी. वेंस के लिए भी एक तरह का जनमत संग्रह है जो उन वादों को पूरा करने के लिए दो साल और मांग रहे हैं जिनके मामले में अमेरिकी जनता अब एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं कर सकती।’’
महापौर के अनुसार, मध्यावधि चुनावों से पता चलता है कि ‘‘अमेरिकी जनता अब यह सुनकर उकता चुकी है कि उनकी जरूरतें अवास्तविक हैं और यह बात ऐसे राजनेता कहते हैं जिन्हें देश के सबसे अमीर लोगों ने खरीद लिया है।’’
डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों की शानदार चुनावी जीत का जिक्र करते हुए ममदानी ने कहा कि अमेरिका ने नेतृत्व की एक नयी पीढ़ी को चुना है, ‘‘एक ऐसी पीढ़ी जिसे जीवनयापन की लागत कम करने, बमबारी करने के बजाय निर्माण करने और जिन कामकाजी लोगों ने उन्हें सत्ता सौंपी है, उनके विश्वास को कभी नहीं तोड़ने का जनादेश मिला है।’’
वेंस द्वारा अमेरिकियों से उन्हें दो साल और देने की अपील का जिक्र करते हुए ममदानी ने कहा, ‘‘अमेरिकी दो साल और इंतजार नहीं कर सकते, क्योंकि उन्हें हर महीने की पहली तारीख को मकान का किराया देना होता है। वे दो साल और इंतजार नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें अपने बच्चों की देखभाल के लिए खर्च उठाना पड़ता है। वे दो साल और इंतजार नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें आज ही राशन खरीदना है। इसलिए हमें यह समझने की जरूरत है कि जिन अमेरिकियों ने हमें यह सत्ता सौंपी है उनके लिए काम करने में अब और देरी नहीं की जा सकती।’’
भाषा सुरभि रंजन
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