नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में यहां महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट के मुख्य द्वार के पास धरना दे रहे उसके माता-पिता को हटा दिया गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
यह घटना भंडारी के माता-पिता को 14 अक्टूबर को इंडिया गेट के पास दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन करते समय पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के तीन सप्ताह बाद हुई है।
एक पुलिस सूत्र ने बताया कि भंडारी के माता-पिता बुधवार को प्रार्थना करने और मीडिया से बात करने के लिए राजघाट पहुंचे थे। बाद में उन्होंने दो अन्य लोगों के साथ मुख्य द्वार के पास धरना दिया, जो विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान नहीं है।
सूत्र ने बताया कि इस समूह से बार-बार वहां से चले जाने का आग्रह किया गया। जब वे टस से मस नहीं हुए, तो पुलिस ने उन्हें मौके से हटा दिया। हालांकि, उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया।
घटना के दौरान अंकिता की मां सोनी देवी ने स्वास्थ्य संबंधी शिकायत की, जिसके बाद उन्हें चिकित्सकीय-कानूनी जांच (एमएलसी) के लिए बुराड़ी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, सूत्र ने बताया कि उन्होंने और उनके पति दोनों ने चिकित्सकीय जांच कराने से इनकार कर दिया।
बुराड़ी से आम आदमी पार्टी ('आप') के विधायक संजीव झा और उनके समर्थक अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद भंडारी के माता-पिता विधायक के साथ चले गए।
भाषा सुमित वैभव
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