मुंबई, चार नवंबर (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से दिवाली पर पटाखे जलाने के लिए निर्धारित समय के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को राज्य में लागू करने की संभावना पर विचार करने को कहा है, ताकि शहर में पर्यावरण और स्वास्थ्य को होने वाले गंभीर नुकसान को रोका जा सके।
न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने अभिनेत्री दीया मिर्जा का दिवाली से जुड़ा एक वीडियो बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा हटाए जाने का स्वत: संज्ञान लेने के बाद 13 पन्नों का आदेश जारी किया, जिनमें 29 अक्टूबर को उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का उल्लेख किया गया।
ये निर्देश त्योहारों के दौरान दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मद्देनजर दिए गए थे।
बुधवार को उपलब्ध कराए गए उच्च न्यायालय के आदेश में कहा गया कि अदालत का मानना है कि राज्य सरकार और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बीएमसी तथा पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित प्राधिकारियों के लिए इन निर्देशों पर विचार करना उचित होगा, खासकर पटाखे जलाने के समय के संबंध में।
उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिवाली के दौरान केवल स्वीकृत हरित पटाखे सुबह छह से सात बजे और रात आठ से 10 बजे के बीच ही जलाए जा सकेंगे।
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘हमारी राय में, मौजूदा स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और महाराष्ट्र के संबंधित प्राधिकारियों के लिए राज्य में इन निर्देशों को लागू करने की संभावना पर विचार करना उचित होगा।’’
भाषा शफीक अविनाश
अविनाश