श्रीनगर, चार नवंबर (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने श्रीनगर से लोकसभा सदस्य आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी को पार्टी से अलग करने में सफलता हासिल करके अपना ‘ऑपरेशन लोटस’ पूरा कर लिया है। मेहदी ने मंगलवार को नेकां के साथ-साथ लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था।
नेकां नेता और हजरतबल से विधायक सलमान सागर ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘भारी मन से, खुशी से नहीं, क्योंकि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के टिकट पर निर्वाचित सांसद थे, मैं कहता हूं कि भाजपा आगा रुहुल्ला को पार्टी से अलग करने में सफल रही है।’’
बनिहाल से विधायक सज्जाद शाहीन के साथ मौजूद सागर ने आरोप लगाया कि मेहदी उन ‘ताकतों’ के साथ जा मिले हैं, जो पिछले 80-90 वर्षों से नेकां को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘खासकर पिछले पांच से आठ वर्षों में (वर्ष 2018 के बाद से) हमारे नेतृत्व को जेल में डाला गया। पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों सहित वरिष्ठ नेताओं को जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया। जेल में बंद लोगों को सिर्फ इसलिए सजा दी गई क्योंकि वे जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।’’
सत्तारूढ़ नेकां के विधायक ने कहा कि भाजपा इससे पहले जम्मू में देवेंद्र सिंह राणा और सुरजीत सिंह सलाथिया जैसे पार्टी नेताओं को अपने पाले में लाने में सफल रही थी और अब उसने कश्मीर घाटी में ‘ऑपरेशन लोटस’ को अंजाम देने में सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा, ‘‘राणा अब इस दुनिया में नहीं हैं और सलाथिया भाजपा के विधायक हैं। भाजपा वहां सफल रही और अब आगा साहब को भी अपने साथ ले जाने में सफल हो गई। ‘ऑपरेशन लोटस’, जिसके तहत देशभर में सांसदों को निशाना बनाकर पार्टियों को तोड़ने की कोशिश की जाती है, अब कश्मीर में भी अंजाम दिया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज आगा साहब की मदद से भाजपा का एजेंडा पूरा हो गया है। यह नेशनल कॉन्फ्रेंस और जम्मू-कश्मीर की जनता के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’’
भाषा संतोष पवनेश
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