चंडीगढ़, चार नवंबर (भाषा) वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाए जाने को लेकर बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की और नेता प्रतिपक्ष से पूछा कि क्या वह संसद की सदस्यता से इस्तीफा देंगे।
सिख-विरोधी दंगों को लेकर भाजपा द्वारा आयोजित एक सभा में लोगों को संबोधित करते हुए, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद प्रसाद ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाने को लेकर गांधी की आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ‘एसआईआर’ के बारे में बहुत कुछ बोलते रहते हैं। मुझे नहीं पता कि वह ‘एसआईआर’ को कितना समझते हैं। राहुल गांधी, आज आप कह रहे हैं कि 2024 का चुनाव भी गलत था। मैं आपसे एक सवाल पूछता हूँ: क्या आप इस्तीफा देंगे? आप 2024 में सांसद बने, तो क्या आपकी पार्टी के बाकी सभी लोग भी इस्तीफा देंगे? क्या हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस्तीफा देगी? राहुल गांधी, क्या तेलंगाना और कर्नाटक की सरकारें भी इस्तीफा देंगी?’’
प्रसाद ने कहा, ‘‘अब वह ज्ञानेश कुमार (मुख्य निर्वाचन आयुक्त) के पीछे पड़े हैं। उन्हें कौन समझाएगा कि 2024 में कुमार निर्वाचन आयोग में थे ही नहीं? राहुल गांधी न तो अपना ‘होमवर्क’ करते हैं और न ही तथ्यों को समझते हैं। मुझे बताया गया है कि पंजाब में सभी दल एसआईआर को लेकर एकजुट थे और उन्होंने इसकी तारीफ भी की थी।’’
रविवार को दिल्ली में हुई एक रैली में, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ने ‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर भाजपा को सत्ता से हटाने का आह्वान किया था। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भविष्य में ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाएगा और देशद्रोह के आरोप में जेल भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को कानून की पकड़ से बचने नहीं दिया जाएगा।
गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को ‘‘अवैध’’ बताया और कहा कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची से 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटा दिए, जबकि पिछले आम चुनाव में राजग और ‘इंडिया’ गठबंधन के बीच मतों का अंतर केवल तीन प्रतिशत था।
भाजपा की पंजाब इकाई ने बुधवार को ‘1984 के जख्म’ सम्मेलन का आयोजन किया।
इसने कहा कि वह इस कार्यक्रम का आयोजन कर रही है, जिसमें पीड़ितों, चश्मदीदों, कानूनी विशेषज्ञों और राजनीतिक नेताओं को एक साथ लाया जाएगा, तथा नरसंहार से जुड़ी परिस्थितियों, कथित साजिश, कानूनी लड़ाइयों और पीड़ितों के पुनर्वास पर चर्चा की जाएगी।
भाषा
नेत्रपाल अविनाश
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