मुंबई, चार नवंबर (भाषा) मुंबई में यात्रियों ने आरोप लगाया है कि दीवाली से पहले निजी पर्यटक बस संचालक सामान्य किराये से दो से तीन गुना अधिक किराया वसूल रहे हैं। कुछ मार्गों पर टिकट की कीमत 7,000 रुपये तक पहुंचने की खबर है।
कुछ यात्रियों ने कथित तौर पर बस किराये को नियंत्रित करने में नाकाम रहने को लेकर सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और उनके विभाग की आलोचना की है।
सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने दावा किया कि एक मार्ग पर बस का किराया 700 रुपये से बढ़कर 4,000 रुपये हो गया है।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक अन्य व्यक्ति ने कहा, ‘क्या निजी बसों के टिकट की कीमतों पर कोई नियम-कायदे नहीं हैं? किराया 6,000-7,000 रुपये तक पहुंच गया है, जो लगभग हवाई टिकटों के बराबर है। आखिरी समय में टिकट बुक करने वाले लोग क्या करें? क्या वे अपने पेइंग गेस्ट आवास में ही दीवाली मनाएं?’
एक अन्य ‘एक्स’ यूजर ने सवाल किया कि मंत्री “सो रहे हैं या सोने का नाटक कर रहे हैं।”
यूजर ने बुकिंग ऐप के कुछ स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा, “लोग मुंबई और पुणे जैसे शहरों में पूरे साल कड़ी मेहनत करते हैं और दीवाली के दौरान अपने परिवारों के साथ कुछ खुशी के पल बिताने की उम्मीद करते हैं। टिकटों की कीमत 700 रुपये से बढ़कर 4,000 रुपये कैसे हो सकती है?”
शिकायतों के बीच, पुणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने अत्यधिक किराया वसूलने पर रोक लगाने के लिए एक नवंबर को निजी अनुबंधित बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू किया। यह अभियान 20 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा।
आरटीओ अधिकारियों ने कहा कि निजी बसें संबंधित श्रेणी की महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की बसों के किराये से डेढ़ गुना से अधिक शुल्क नहीं वसूल सकतीं। संचालकों के लिए अपनी बसों के भीतर किराये की सूची प्रदर्शित करना भी अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि अधिक किराया वसूलते पाए जाने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच दल परमिट, बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने और अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की भी जांच करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि यात्री बस का विवरण और अपने टिकट की तस्वीरें साझा करके आरटीओ की हेल्पलाइन 1800-22-0110 पर अधिक किराया वसूले जाने की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इस मामले पर टिप्पणी के लिए परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर से संपर्क नहीं हो सका।
भाषा तान्या माधव
माधव