(मोहित सैनी)
नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) रक्षा मंत्रालय के तीन कार्यालय यह नहीं बता पाए कि वायुसेना प्रमुख (चीफ ऑफ एयर स्टाफ) की नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड किस अधिकारी या विभाग के पास हैं, जबकि रक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए चयन प्रक्रिया या सेवा प्रमुखों की नियुक्ति से जुड़ी नीति और दिशानिर्देशों के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर याचिका के जवाब में यह जानकारी मिली।
आवेदक ने तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ की सेवानिवृत्ति के बाद वायुसेना प्रमुख के पद के लिए विचार किए गए अधिकारियों के नाम, उनके उत्तराधिकारी के रूप में एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) आर.के.एस. भदौरिया की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज और पत्र-व्यवहार तथा ऐसी नियुक्तियों से संबंधित नीति का विवरण मांगा था।
हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी देने से मना कर दिया। मंत्रालय ने सेवा प्रमुखों की नियुक्ति को एक संवेदनशील मामला बताया, जिसका संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से है। इसके लिए उसने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(ए) का हवाला दिया, जिसे केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने भी सही ठहराया।
बी.एस. धनोआ 1 जनवरी 2017 से 30 सितंबर 2019 तक वायुसेना प्रमुख रहे। उनके बाद आर.के.एस. भदौरिया ने यह पद संभाला और 30 सितंबर 2021 तक जिम्मेदारी संभाली।
आरटीआई आवेदन 25 मार्च 2024 को दायर किया गया जिसे शुरू में रक्षा विभाग को सौंपा गया था, जिसने इसे सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) को भेज दिया।
इसके बाद डीएमए ने इसे वायुसेना मुख्यालय को भेजा। वायुसेना मुख्यालय ने जवाब दिया कि लोक प्राधिकरण के पास ‘ऐसी कोई जानकारी’ उपलब्ध नहीं है।
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के समक्ष बाद में दिए गए अपने जवाब में डीएमए के ‘एयर-तृतीय’ प्रभाग ने कहा कि उसे वायुसेना प्रमुख की नियुक्ति से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है।
उसने यह भी स्वीकार किया कि आवेदन पर कार्रवाई करने वाले अधिकारी को यह जानकारी नहीं थी कि ऐसी नियुक्तियों का काम किस अनुभाग या प्रभाग के जिम्मे है।
आगे की पूछताछ के बाद एयर-तृतीय प्रभाग ने कहा कि उसे पता चला है कि यह मामला रक्षा विभाग के वायुसेना/नीति प्रभाग के अधीन आता है। इसके बाद उसने आवेदन उस कार्यालय को भेज दिया।
हालांकि, वायुसेना/नीति प्रभाग के एक संयुक्त सचिव ने यह कहते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया कि सेनाओं के प्रमुखों की नियुक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाला संवेदनशील मामला है।
वायुसेना प्रमुख की नियुक्ति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) करती है। इसके बाद सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति की ओर से औपचारिक रूप से नियुक्ति को मंजूरी दी जाती है।
भाषा संतोष माधव
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