Breaking News

'दिल्ली की हवा में 30 सिगरेट पीने जैसा जोखिम झेल रहे लोग', प्रदूषण पर SC ने कहा     |   UP पुलिस को मिले 4,543 नए दरोगा, CM योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र     |   पटना में पुलिस-STF का बड़ा एक्शन, मुठभेड़ में 3 अपराधी ढेर     |   योगी सरकार का बड़ा फैसला, आपदा में मौत पर अब परिवार को मिलेंगे 8 लाख रुपये     |   हिमाचल प्रदेश में तड़के सुबह भूकंप के झटके, चंबा में दर्ज हुई 3.2 तीव्रता     |  

अदालत ने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए 12वीं की परीक्षा में कैलकुलेटर के इस्तेमाल संबंधी याचिका पर सीबीएसई से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें ‘डिस्कैल्कुलिया’ से पीड़ित विद्यार्थियों के अलावा अन्य दिव्यांग विद्यार्थियों को भी 12वीं की बोर्ड परीक्षा में लेखाशास्त्र और गणित विषयों में सामान्य कैलकुलेटर के इस्तेमाल की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने केंद्र सरकार, सीबीएसई, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) तथा परख (राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र) को नोटिस जारी किया।

डिस्कैल्कुलिया एक तंत्रिका संबंधी समस्या होती है तथा यह जीवन भर रहती है। इस समस्या से पीड़ित बच्चों को नयी बातें समझने और याद करने में कठिनाई आती है।

सुनवाई की शुरुआत में सीबीएसई के वकील ने अदालत को बताया कि यह मामला पहले से ही विचाराधीन है और इस संबंध में निर्देश प्राप्त करने के लिए कुछ समय मांगा।

अदालत विशाल दुआ और कई अन्य अभिभावकों की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में केवल ‘डिस्कैल्कुलिया’ से पीड़ित विद्यार्थियों को उपलब्ध कैलकुलेटर इस्तेमाल करने की मौजूदा सुविधा का विस्तार अन्य श्रेणियों के दिव्यांग विद्यार्थियों तक करने का अनुरोध किया गया है।

याचिका में कहा गया है कि सीबीएसई की अपनी पाठ्यक्रम समिति ने नवंबर 2024 में लेखाशास्त्र के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

समिति ने दर्ज किया था कि कैलकुलेटर के इस्तेमाल पर रोक से विद्यार्थियों पर ‘संज्ञानात्मक बोझ’ पड़ता है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप इसकी अनुमति दिया जाना काफी समय से लंबित पहल है।

याचिका में कहा गया है कि यह प्रस्ताव दिसंबर 2024 में सीबीएसई के शासी निकाय के समक्ष रखा गया था, लेकिन अब तक न तो इसे अधिसूचित किया गया है और न ही लागू किया गया है।

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि लंबी गणनाओं में परीक्षा का काफी समय खर्च हो जाता है, जिससे विद्यार्थियों को लेखाशास्त्र और गणित जैसे विषयों की अपनी वैचारिक समझ प्रदर्शित करने के लिए कम समय मिल पाता है।

याचिका में सीबीएसई को गणित विषय में कैलकुलेटर के इस्तेमाल की अनुमति देने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

साथ ही, डिस्कैल्कुलिया से पीड़ित विद्यार्थियों के अलावा अन्य दिव्यांग विद्यार्थियों को भी कैलकुलेटर इस्तेमाल करने की मौजूदा सुविधा का लाभ प्रदान किये जाने का अनुरोध किया गया है।

भाषा संतोष माधव

माधव