तिरुवनंतपुरम, चार नवंबर (भाषा) तिरुवनंतपुरम में हाल में 17 साल के लड़के की हत्या पहले से सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी, जिसके शव को एक बोरे में भरकर खाली भूखंड में फेंक दिया गया था। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
तिरुवनंतपुरम नगर पुलिस आयुक्त अरुल बी. कृष्णा ने बताया कि इस मामले में आरोपी लड़की को घटना से दो-तीन दिन पहले ही कथित तौर पर इस बात की जानकारी थी कि मुख्य आरोपी 17 वर्षीय अभिराम की हत्या की साजिश रच रहा है।
अधिकारी ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘हमारी प्रारंभिक जांच के अनुसार उसे (लड़की को) इस साजिश, घटना वाले दिन क्या हुआ और बाद में सबूत मिटाने के लिए क्या किया गया, इसकी जानकारी थी। हमें पता लगाना है कि क्या वह अपराध में सक्रिय रूप से शामिल थी। हमें संदेह है कि उसे पूरी साजिश की जानकारी थी और उसने मामले में सबूत मिटाने की कोशिश की।’’
उन्होंने कहा कि मामले में जांच में तेजी लाई जाएगी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर की लोकेशन सहित पर्याप्त डिजिटल सबूत जुटाए हैं जिन्हें आरोपी नष्ट नहीं कर सके। उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में हमें और सबूत मिलेंगे।’’
मुख्य आरोपी स्कूल में अभिराम का वरिष्ठ था। सभी एक ही इलाके में रहते थे और उनके मित्र भी एक-दूसरे से परिचित थे।
अधिकारी ने कहा कि मुख्य आरोपी के किसी अन्य लड़की के साथ पहले रहे संबंध और इसके कारण उसे जिन समस्याओं का सामना करना पड़ा, उन्हें लेकर हुआ एक छोटा विवाद इस पूरी घटना की शुरुआत बना और अंततः अभिराम की हत्या कर दी गई।
कृष्णा ने कहा, ‘‘मुख्य आरोपी ने तीसरी आरोपी लड़की को संदेशों के जरिए बताया था कि अभिराम को मारना होगा। इससे स्पष्ट है कि अपराध को अंजाम देने की तैयारी और साजिश रची जा रही थी। पीड़ित को स्पष्ट इरादे के साथ घटनास्थल पर बुलाया गया था।’’
उन्होंने कहा कि अब तक की जांच से पता चला है कि मुख्य आरोपी ने एक ‘गंभीर वारदात’ को अंजाम देने की योजना बनाई थी और इसी के तहत शव छिपाने के लिए उसने एक बोरा खरीदा था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति गलती से हुई घटना के लिए ये सब नहीं करेगा। यह पूरी तरह से सुनियोजित था। मुख्य आरोपी ने सह-आरोपी लड़की की मौजूदगी में उसके फोन का इस्तेमाल कर पीड़ित को घटनास्थल पर बुलाया।’’
उन्होंने कहा कि पुलिस को एक-दो अन्य लोगों की संलिप्तता का भी संदेह है जिन्हें अपराध की जानकारी थी और जिन्होंने सबूत छिपाने या नष्ट करने में मदद का आश्वासन दिया था।
पुलिस ने मुख्य आरोपी किशोर और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में उमर भी शामिल है, जो कई अन्य अपराधों में शामिल रहा है।
किशोर न्याय बोर्ड ने मंगलवार को नाबालिग आरोपी को 10 दिन के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया।
अभिराम का शव सोमवार को श्रीकार्यंम के पास पंगाप्पारा में एक सुनसान भूखंड पर केले के पौधों के बीच बोरे में बंद मिला था।
अभिराम के घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता ने श्रीकार्यंम पुलिस से संपर्क किया था। उसके कुछ दोस्तों से पूछताछ के बाद शव बरामद किया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि अभिराम की गला घोंटकर हत्या की गई थी।
भाषा सुरभि मनीषा
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