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एसआईआर मुद्दे पर नड्डा का कांग्रेस पर निशाना, कहा- बाहरी लोगों को ‘वैध बनाने’ में जुटा है विपक्षी दल

(फोटो के साथ)

भोपाल, चार नवंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने को लेकर बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह बाहरी लोगों को ‘सामान्य, मान्यता प्राप्त और वैध बनाने’ की कोशिश कर रही है, क्योंकि इन लोगों के समर्थन से वह लंबे समय तक सत्ता में रही है।

नड्डा यहां आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली और पदयात्रा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बाहरी लोगों की पहचान करने, उनके नाम मतदाता सूची से हटाने और उन्हें देश से बाहर भेजने के पक्ष में है। उन्होंने कांग्रेस पर निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के अमित शाह ‘पहचान करो, नाम हटाओ और निर्वासित करो’ की बात करते हैं। कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन क्या कहते हैं? वे कहते हैं कि बाहरी लोगों को सामान्य बनाओ, उन्हें मान्यता दो और वैध बनाओ। उनके आधार कार्ड और राशन कार्ड बनाओ तथा उन्हें यहां बसा दो।’’

नड्डा ने कहा, ‘‘वे आपके मतदाता हैं, उन्हें मान्यता दो और भारतीय राजनीति का हिस्सा बनाओ। आप बताइए, क्या ऐसे लोगों की पहचान नहीं की जानी चाहिए? क्या उन्हें देश से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए?’’ उन्होंने लोगों से कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन का राजनीतिक रूप से बहिष्कार करने की अपील भी की।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस निर्वाचन आयोग को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ऐसे देश की संस्था है, जिसे लोकतंत्र की जननी कहा जाता है और जहां लोगों की रगों में लोकतांत्रिक मूल्य प्रवाहित होते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी यह सब किसी सकारात्मक उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनता का समर्थन हासिल करने में अपनी विफलता के कारण कर रही है।

नड्डा ने कहा, ‘‘उन्हें एहसास हो गया है कि अगले 20 से 30 वर्षों तक मतदाता उन्हें राजनीतिक परिदृश्य में कोई जगह नहीं देने वाले हैं। इसलिए उन्होंने निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाना शुरू कर दिया है।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का तर्क है कि यदि वह कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की तरह चुनाव जीतती है तो राहुल गांधी पहलवान होते है, लेकिन चुनाव हारने पर निर्वाचन आयोग को बेईमान करार दिया जाता है।

नड्डा ने कहा कि दुनिया के कई देशों में मतदाताओं को अपना नाम दर्ज कराने के लिए निर्वाचन कार्यालय जाना पड़ता है, जबकि भारत में बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाता पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने इसे निर्वाचन आयोग की मजबूती बताया।

उन्होंने 'नाच न जाने आंगन टेढ़ा' वाली कहावत का उल्लेख किया और कहा कि यह कांग्रेस पर बिल्कुल फिट बैठती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लोगों के दिलों में राज करना आता नहीं है और हर बार वह दोष निर्वाचन आयोग के मत्थे मढ़ दिया करती है।

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए 90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया, ऐसे में वह किस मुंह से लोकतंत्र की रक्षा की बात करती है।

आपातकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह स्वयं इसके भुक्तभोगी रहे हैं और कक्षा में पढा़ई के दौरान उन्हें दो बार पुलिस पकड़ कर ले गई थी।

उन्होंने कहा कि उस अवधि में परिवार के परिवार जेल में डाल दिए गए थे।

उन्होंने कहा कि 1,30,000 से अधिक लोगों को 22 महीने बिना दलील और बिना अपील के जेल में डाला था जबकि आजादी की लडा़ई के दौरान अंग्रेजों ने कुल मिलाकर इतने लोगों को जेल में नहीं डाला था ।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन देश को अस्थिर करना चाहते हैं और साथ ही उस साख को गिराना चाहते है जो देश की संस्थाओं ने सालों की मेहनत से कमाई है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा हाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी का उल्लेख करते हुए नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के नेता चुनावी विफलताओं को छिपाने के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी अपनी चुनावी विफलताओं को छिपाने के लिए यह मुद्दा उठा रही है।

कार्यक्रम के बाद नड्डा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पदयात्रा में हिस्सा लिया।

यह पदयात्रा भोपाल के चर्चित अटल पथ से आरंभ हुई और प्लेटिनम प्लाजा, टीटी नगर से होते हुए रोशनपुरा तक पहुंची।

भाजपा ने दावा किया कि इस पदयात्रा में लगभग एक लाख लोग शामिल हुए।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से एसआईआर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा अभियान की काट के लिए भाजपा देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ पदयात्रा निकाल रही है।

भोपाल की पदयात्रा से पहले भाजपा जबलपुर और इंदौर में भी ऐसे आयोजन कर चुकी है। भाषा दिमो ब्रजेन्द्र जोहेब

जोहेब